पूरे दरियाव लाल गांव में बुधवार की रात एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से यूपी-100 टीम ने मलबे में दबे छह लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो चुकी थी। चार घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डीएम के आदेश पर एसडीएम बल्दीराय और सीओ गांव पहुंचे और मौके का जायजा लिया।
बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे दरियाव लाल गांव निवासी छोटेलाल गुप्ता का मकान कच्चा था। बुधवार रात परिवार के लोग मकान में सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक मकान ढह गया। मकान के बगल में स्थित छप्पर के नीचे छोटेलाल की पत्नी सो रही थी। मकान गिरते ही उसने शोर मचाया तो गांव के लोग भागकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना यूपी-100 को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रात में ही पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
करीब आधे घंटे बाद मलबे से छोटेलाल की मां सीता (70), पुत्रियां शालू (15), शिवानी (13), शुभांकी (12), मानसी (10), श्रेयांशी (8) को बाहर निकाला गया। इस दौरान सीता और श्रेयांशी की मौत हो चुकी थी। यूपी-100 टीम शालू, शिवानी, शुभांकी, मानसी को लेकर सीएचसी बल्दीराय पहुंची, जहां चिकित्सकों ने चारों का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
डीएम सी. इंदुमती ने घटना की जानकारी होते ही एसडीएम बल्दीराय प्रिया सिंह और सीओ बल्दीराय लालचंद्र चौधरी को मौके पर भेजा। एसडीएम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी। डीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को अनुग्रह सहायता राशि दी जा रही है। इसके साथ ही गृह अनुदान देने के लिए एसडीएम को निर्देश दिया है। जल्द ही पीड़ित परिवार को मदद मिल जाएगी। एसओ बल्दीराय आकाश पवार ने बताया कि पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है।