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बारिश में तेज रफ्तार से बाइक दौड़ा रहे थे लड़के, डिवाइडर से टकराकर मौत

Thu, 25 Jan 2018 12:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मृतक युवक आकाश कश्यप - फोटो : amar ujala
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वीमेन पावर लाइन 1090 चौराहे पर मंगलवार रात बारिश में तेज रफ्तार में स्पोर्ट्स बाइक दौड़ाना दो युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ। हादसे में बाइक चला रहे चौक के बाग महानारायण निवासी आकाश कश्यप (24) और मड़ियांव के सेक्टर ए निवासी रूपेंद्र विक्रम उर्फ बिल्लू (20) की मौत हो गई।

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दोनों फन मॉल से दोस्तों संग पार्टी कर बारिश का मजा लेने निकले थे। चौराहे पर बारिश के चलते बाइक फिसलकर डिवाइडर से जा टकराई। पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गौतमपल्ली इंस्पेक्टर विजयसेन सिंह ने बताया कि रात करीब साढ़े ग्यारह बजे आकाश और रूपेंद्र केटीएम बाइक पर मॉल की ओर से तेज गति में 1090 चौराहे पहुंचे। इसका चक्कर काटते वक्त पानी में फिसलकर बेकाबू हुई बाइक डिवाइडर से जा टकराई। दोनों युवक दूर जा गिरे। हेलमेट न होने से इनके सिर फट गए जबकि शरीर बुरी तरह चोटिल हो गया।
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बाइक के भी परखच्चे उड़ गए। चौराहे पर मौजूद पुलिसकर्मी दोनों को सिविल अस्पताल ले गए, जहां से आकाश को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने के चंद मिनट बाद ही उसने दम तोड़ दिया। उधर, सिविल में रूपेंद्र की भी मौत हो गई। हादसे की जानकारी पाकर दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। रूपेंद्र के परिवारीजन पोस्टमार्टम कराए बगैर शव ले गए।

दिल्ली के दोस्त ने दी थी पार्टी
इंस्पेक्टर ने बताया कि मंगलवार शाम आकाश का दिल्ली निवासी दोस्त लखनऊ आया था। उसने पार्टी के लिए फन मॉल बुलाया था। आकाश शाम छह बजे अपने एक दोस्त के साथ बाइक से निकला और रूपेंद्र के पास पहुंचा। इसके बाद रूपेंद्र की केटीएम बाइक से वह मॉल आया। रात 11 बजे पार्टी से निकले तो बारिश हो रही थी। दोनों इसका बाइक से मजा लेने 1090 चौराहे की ओर गए, जहां हादसा हो गया।

पढ़ाई को लोन लेने आया था आकाश
आकाश मेधावी छात्र था। उसने हमेशा प्रथम श्रेणी के अंक हासिल किए। तीन साल पहले उसने टूरिज्म मैनेजमेंट का कोर्स किया और दिल्ली में निजी एयरलाइंस में नौकरी की। कुछ महीने बाद उसने रियल एस्टेट कंपनी में बुकिंग काउंसलर की नौकरी की। इस बीच उसने कनाडा की यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई के लिए आवेदन किया। इसके लिए उसे लोन की जरूरत थी। रविवार को वह इसकी औपचारिकता पूरी करने ही दिल्ली से लखनऊ आया था।

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परिवार का एकलौता सहारा था आकाश

आकाश के पिता रमेश कश्यप की करीब 18 साल पहले मौत हो गई थी। मां अलका ने उसे पाला। उन्होंने मुन्नन नाम के व्यक्ति से दूसरी शादी की, जिससे बेटी मेघा और बेटा शिवा हुए। मुन्नन की भी कुछ साल बाद मौत हो गई। इसके बाद अलका ने घरों में काम कर बच्चों को पाला। आकाश ने नौकरी जॉइन करने के साथ मां को काम करने से मना कर दिया। वह हर महीने घर खर्च के रुपये भेजता था। बहन की शादी में भी उसने बड़ी जिम्मेदारी निभाई। भाई शिवा की पढ़ाई का खर्च भी वही उठाता था। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है।

दिल्ली में एक्टिंग सीखने के दौरान हुई थी दोस्ती
रूपेंद्र के परिवार में पिता ललित के अलावा मां विनोद कुमारी और दो बड़े भाई वीरेंद्र और रामेंद्र हैं। पिता ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने बताया कि रूपेंद्र दिल्ली के संस्थान से एक्टिंग का कोर्स कर रहा था। आकाश भी वहीं से एक्टिंग सीख रहा था। दोनों की दोस्ती संस्थान में ही हुई थी। कुछ महीने बाद रूपेंद्र कोर्स छोड़कर लखनऊ लौट आया और पिता के कारोबार में हाथ बंटाने लगा। वह हरदोई से बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई भी कर रहा था।

बेमन से पार्टी में गया था रूपेंद्र
पिता ने बताया कि जब आकाश पार्टी के लिए रूपेंद्र को बुला रहा था तो उसका मन जाने का नहीं था। उसने मना भी किया लेकिन आकाश और उसके साथ आया दोस्त जिद कर उसे साथ ले गए। रूपेंद्र के भाई रामेंद्र ने तीन महीने पहले ही केटीएम बाइक खरीदी थी। आकाश ने उसे बाइक लेकर चलने को कहा। परिवारीजनों ने कहा कि आकाश जिद न करता तो शायद दोनों जिंदा होते।

रुपये- कागजात गायब होने का आरोप लगा जांच की मांग की
मां अलका का कहना है कि आकाश घर से कुछ रुपये लेकर निकला था। उसके पास लोन से संबंधित 25 हजार रुपये का ड्रॉफ्ट और कुछ कागजात भी थे, जो गायब हैं। उन्होंने हादसे के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। हालांकि, पुलिस ने साजिश की आशंका से इनकार किया है। पुलिस का कहना है सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जाएगी। कुछ संदिग्ध नजर आएगा तो कार्रवाई होगी।
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