हजरतगंज पुलिस ने खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो प्लेसमेंट एजेंसी संचालकों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने नौकरी लगवाने और वीजा दिलाने का झांसा देते हुए धोखाधड़ी की थी। आरोपियों ने 350 लोगों से 1.25 करोड़ रुपये ऐंठे थे।
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, 16 अप्रैल को सुलतानपुर निवासी मो. अरबाज सिद्दीकी ने केस दर्ज कराया था।
आरोप था कि हजरतगंज में गैलेक्सी इंटरप्राइजेज के नाम से एक कार्यालय खोला गया था। इसका संचालक संतोष कुमार था।
आरोपियों ने एजेंटों के जरिए खाड़ी देश में नौकरी का भरोसा देते हुए युवकों से लाखों रुपये ऐंठे थे। इसके बाद आरोपी दफ्तर बंद कर भाग गए थे।
डीसीपी मध्य के मुताबिक, सर्विलांस टीम को आरोपियों की लोकेशन नोएडा के पास मिली। इसके आधार पर शनिवार दोपहर को बिहार के वैशाली निवासी संतोष कुमार और गोपालगंज निवासी रूपेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
350 बेरोजगारों से ठगी की बात कुबूली
प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, संतोष और रूपेश के पास से सवा दो लाख नकदी बरामद हुई। पीड़ित मो. अरबाज ने बताया कि उसकी तरह दर्जनों पीड़ितों से आरोपियों ने रुपये ऐंठे थे। हर व्यक्ति का पासपोर्ट आरोपी अपने पास रख लेते थे। वहीं, वीजा के नाम पर प्रति व्यक्ति 35 हजार रुपये वसूलते थे। संतोष ने 350 लोगों से रुपये लेने की बात कबूली है।
पीड़ितों को 12 अप्रैल को बुलाया, ताला बंद कर भाग निकले
पीड़ित के अनुसार, वीजा लेने के लिए ठगों ने उसे 12 अप्रैल को लखनऊ बुलाया था। वह एजेंसी के दफ्तर पहुंचा तो वहां ताला लटक रहा था। ठगों के मोबाइल बंद थे। अरबाज की तरह ही मो. आरिफ, निहाल अनवर, मो. समीर, वसीब अहमद, मो. राशिद, मो. आमिर, सोहेल अहमद, अब्दुल करीम, अब्दुल्ला अंसारी, मो. आकिब, मो. अरबाज, मो. जुनैद, मो. गौस, तहसीन अहमद, परवेज अहमद व मो. आमिर भी एजेंसी के बाहर मौजूद थे। जिन्हें भी वीजा देने के लिए बुलाया गया था। पीड़ितों ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी थी। इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ल के मुताबिक, संतोष का असली नाम पुनीत शुक्ला है।