डीजल-पेट्रोल का खर्च दो करोड़ रुपये बढ़ाए जाने के बाद भी संकट बना हुआ है। जिसका सीधा असर कूड़ा उठान पर पड़ रहा है।
चार महीने में यह दूसरी बार है जब डीजल पेट्रोल की समस्या हो रही है। इसे लेकर ही एक सप्ताह पहले नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में डीजल-पेट्रोल खर्च 45 करोड़ से बढ़ाकर 47 करोड़ किया गया। फिर भी हालत सुधर नहीं रहे हैं जबकि कोरोना भी बढ़ रहा है।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर खर्च तीन साल में 16 करोड़ बढ़ गया, पर सफाई व्यवस्था चौपट है। बीते साल अप्रैल से लागू बजट में 45 करोड़ रुपये का प्रावधान डीजल-पेट्रोल खर्च के लिए किया गया था।
फिर भी दीपावली पर दस दिन तक कूड़ा उठान बेपटरी रहा था। डीजल की कमी के चलते शहर में कूड़ा उठान का काम नहीं हुआ था।
इसे लेकर कहा गया कि पेट्रोल पंप वालों का भुगतान नहीं हुआ तो डीजल नहीं मिल रहा है। इसे लेकर अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित किए तो कूड़ा उठान शुरू हुआ।
अब फिर वही हालत बन गए हैं। पिछले सप्ताहभर से फिर कूड़ा उठान पटरी से उतरा हुआ है। शहर के कई इलाकों में पड़ाव घरों से कूड़ा उठान कई-कई दिन बाद हो रहा है।
पार्षद बोले, अधिकारी बता रहे तेल की कमी
त्रिवेणी नगर वार्ड भाजपा के वरिष्ठ पार्षद मुन्ना मिश्रा कहते हैं कि कई दिनों से कूड़ा उठान के लिए गाड़ियां नहीं आ रही हैं। पड़ाव घरों से कूड़ा उठाने के साथ ही कूड़ेदान भी उठाने वाली गाड़ियां नहीं आ रही हैं। जोन में बात की तो बताया जा रहा है कि तेल का संकट है। विवेकनंदपुरी वार्ड के पार्षद शैलेंद्र सिंह बल्लू का कहना है कि एक सप्ताह से कूड़ा उठान की समस्या है। गाड़ी वाले कहते हैं कि डीजल नहीं मिल रहा तो कैसे उठान हो। बेगम हजरत महल वार्ड के पार्षद मो. सलीम कहते हैं कि कई दिनों से कूड़ा उठान की छोटी गाड़ियां भी नहीं आ रही हैं। वार्ड में कई जगह कूड़े ढेर के लगे हैं।
दूर की जा रही तेल भुगतान की समस्या
तेल भुगतान की कुछ समस्या है। वह दूर की जा रही है। सभी जोनल अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कूड़ा उठान को सुनिश्चित कराएं।
- अभय पांडेय, अपर नगर आयुक्त
शिकायत, अब नहीं बजता है गाड़ी में लगा लाउडस्पीकर
लोगों की शिकायत है कि अब कूड़ा गाड़ी में लगा लाउडस्पीकर भी नहीं बजता है। इससे पता ही नहीं चल पाता है कि कूड़ा गाड़ी कब आई और कब चली गई। गोमती नगर निवासी रविंद्र जायसवाल ने बताया कि विनय खंड तीन में अखिलेश मिश्र पार्क के आसपास इलाके में तीन दिन से ईकोग्रीन की गाड़ियां कूड़ा लेने नहीं आ रही हैं। इस बार तो पूरा सप्ताह गोल कर दिया। सरोजनी नगर वार्ड के पार्षद रामनरेश रावत का कहना है कि सप्ताहभर से निजी कंपनी ईकोग्रीन की गाड़ियां नहीं आ रही हैं। ईकोग्रीन की गाड़ियां बमुश्किल 15 दिन ही आती हैं। चाहिए।
जुर्माने के बाद भी नहीं सुधर रही व्यवस्था
लापरवाही को लेकर नगर निगम प्रशासन कई बार ईकोग्रीन कंपनी पर जुर्माना लगा चुका है। गाड़ी न जाने पर भी जुर्माने लगाने का नियम बनाया गया। मॉनिटरिंग और जीपीएस सिस्टम से ट्रैकिंग की व्यवस्था भी शुरू की गई, पर फायदा नहीं मिल रहा है।
कुछ समस्या कर्मचारियों के वेतन में देरी होने से आई थी। उसे दूर कराया जा रहा है, जहां से भी कूड़ा कलेक्शन की शिकायत आई है, उसका समाधान किया जा रहा है। इसे लेकर कर्मचारियों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
- नागार्जुन रेड्डी, सीईओ ईकोग्रीन