यूपी बोर्ड परीक्षा के साथ मूल्यांकन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार बोर्ड मूल्यांकन केंद्र के लिए नई
व्यवस्था इस बार लागू की है।
खास बात यह होगी कि इस बार हर जिले में दो-दो अतिरिक्त मूल्यांकन केंद्र
बनाए जाएंगे, ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि किसी केंद्र में समस्या होने की
स्थिति में दूसरे केंद्र में मूल्यांकन कराया जा सके।
यही नहीं इस बार परीक्षकों को मूल्यांकन के दौरान बैठने की सुविधा तो
मिलेगी ही साथ में बिजली, पानी, टेलीफोन, शौचालय, कैंटीन की व्यवस्था के
साथ केंद्रों पर ठहरने की सुविधा भी होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस
संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाएं इस बार 3 मार्च से शुरू हो रही हैं।
प्रदेश में 10,500 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें 71,20,265 परीक्षार्थी
परीक्षा देंगे। परीक्षा के कुछ दिनों बाद ही उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन
शुरू हो जाएगा। इसलिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की तैयारियां अभी से
शुरू कर दी गई हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मूल्यांकन केंद्रों का पदेन मुख्य नियंत्रक होगा। उसकी संस्तुति पर ही मूल्यांकन केंद्र बनाया जाएगा।
मूल्यांकन केंद्रों के लिए एक केंद्र पर चार स्ट्रांग रूम बनाए जाएंगे।
सुरक्षा के लिए खिड़कियों तथा रोशनदानों में जाली लगी होनी चाहिए।
मूल्यांकन केंद्र में जाने के लिए एक ही प्रवेश द्वार होना चाहिए जिससे
अराजक तत्व वहां न पहुंच सके। स्ट्रांग रूम बनवाने का खर्च स्कूलों को
स्वयं उठाना होगा।