लखनऊ। भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी विशेष परमिट से अवैध तरीके से बसें चलवाने के आरोप में एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें नई दिल्ली के सागरपुर जनकपुरी का राम प्रसाद और नगालैंड के काहिमा का बाले थापा शामिल है। बसें चलवाने वाले राम प्रसाद को नई दिल्ली और चालक बाले को किसान पथ से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह के मुताबिक मामले को लेकर अलीगढ़ के सहायक संभागीय अधिकारी ने थाना बन्नादेवी में एफआईआर कराई थी। परिवहन आयुक्त के पत्र पर इसकी जांच की जा रही थी। इसी क्रम में एसटीएफ को लगाया गया। इसी बीच पता चला कि बस (यूपी 81सीटी 4920) का संचालक फर्जी परमिट तैयार कर भारत-नेपाल के बीच अवैध तरीके से बसें चलवा रहा है।
एसटीएफ में इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि टीम गठित कर दोनों को पकड़ा गया। पूछताछ में राम प्रसाद ने बस की लोकेशन बताई, जिसके बाद चालक को पकड़ा गया। आरोपी चाचा-चाची ट्रैवेल्स के नाम से एजेंसी चला रहा था।
राम प्रसाद ने बताया कि फरवरी 2024 में कन्नू ट्रैवेल्स से सेकेंडहैंड बस पत्नी उषा के नाम पर खरीदी। दिल्ली-नेपाल के बीच काफी संख्या में यात्रियों की बुकिंग मिलती है, लेकिन एंबेसी और कांसुलेट से परमिट जारी करने की प्रक्रिया में काफी समय लगता है। ऐसे में उसने आरटीओ की ओर से जारी परमिट में फर्जीवाड़ा कर नेपाल रूट को जोड़कर पीडीएफ तैयार कर की। इस घपले में उसका बेटा मिलन शर्मा और चालक बाले भी शामिल हैं। आरोपियों को अलीगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
राम प्रसाद व बाले थापा।