लखनऊ। चिनहट के देवा रोड स्थित केनरा बैंक का एटीएम काटकर 8.40 लाख रुपये उड़ाने वाले गिरोह के दो बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया है। उनके पास से पुलिस ने 3.37 लाख नकदी, तमंचा और कुछ सामान बरामद किया है। गिरोह के सरगना रंजीत की तलाश की जा रही है। चोरी की गई रकम का बचा हुआ हिस्सा उसी के पास है। इसी गिरोह ने विभूतिखंड में भी एटीएम काटकर नकदी उड़ाई थी। वहीं गोमतीनगर विस्तार के एक एटीएम को शिकार बनाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से असफल हो गए थे।
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन केमुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में बहराइच के खैरीघाट स्थित बरधा बाजार निवासी अर्जुन उर्फ शैलेंद्र प्रजापति और महेंद्र कुमार मौर्या शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों के पास से 3.37 लाख नकदी, दो तमंचा, पांच कारतूस, मोबाइल, शीशा को धुंधला करने वाला स्प्रे, लोहे का सब्बल, पेंचकस फोल्डिंग सिस्टम (पेंच व स्क्रू खोलने वाला) और एक आरी बरामद की है।
गिरोह का मास्टरमाइंड है रंजीत
एडीसीपी पूर्वी सैयद मोहम्मद कासिम आबिदी के मुताबिक ,गिरोह का सरगना व मास्टर माइंड रंजीत मौर्या है। वह दिन में घूमकर बिना गार्ड वाले एटीएम की रेकी करता था। इसके बाद तीनों रात दो बजे से सुबह चार बजे के बीच वारदात को अंजाम देते थे। अर्जुन शीशा को धुंधला करने के लिए स्प्रे करता था। महेंद्र एटीएम बूथ के आसपास रहकर मोबाइल पर पुलिस की लोकेशन देता था। वहीं रंजीत अंदर मशीन काटकर नकदी समेटता था। पुलिस के मुताबिक ,दोनों बदमाशों को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर दबोचा गया है। रंजीत की की तलाश की जा रही है।
बंगलूरू में सीखा था मशीन काटना
एसीपी विभूतिखंड प्रवीण मलिक के मुताबिक, रंजीत व महेंद्र दोनों बंगलूरू में काम करते थे। वहां पर एसएलआर मेटालिक में नौैकरी की थी। इस दौरान ही दोनों ने मशीनों को काटने केबारे में जानकारी हासिल की थी। उनको पता था कि कौन सी लोहे की चादर कितनी देर में कटती है। अर्जुन बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं महेंद्र ने हाई स्कूल तक पढ़ाई की है। सभी खरगापुर में किराए पर मकान लेकर रहते थे।
वारदात के 20 मिनट बाद पॉलीगॉन ने रोका और खींची थी फोटो
प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के मुताबिक, जिस रात वारदात हुई थी। उसी रात को इन तीनों को नेडा केपास अपट्रॉन चौकी पर तैनात पॉलीगॉन सिपाही अरविंद कुमार और अरुण कुमार ने रोका था। तीनों की एक ही बाइक पर बैठे फोटो भी खींची थी। तीनों ने बताया कि देर रात मजदूरी कर वापस बाराबंकी घर जा रहे हैं। सिपाहियों ने तीनों के नाम, पते और मोबाइल नंबर भी रजिस्टर में दर्ज किए थे। जब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिलाई जाने लगी तो पॉलीगॉन के सिपाहियों की उस रात खींची गई तस्वीर में एक युवक को पहचान लिया गया। इसके बाद उनके रजिस्टर के मोबाइल नंबर पर बातचीत की गई। सभी ने अपना नाम व पता गलत दर्ज कराया था। लेकिन मोबाइल नंबर सही दर्ज करा गए। मोबाइल की डिटेल निकाली गई। गोमतीनगर विस्तार केबैंक ऑफ बड़ौदा, विभूतिखंड के पीएनबी और चिनहट केकेनरा बैंक के एटीएम बूथ के पास तीनों के नंबर एक साथ मिल गए तो पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को दबोच लिया था।
वारदात के बाद बदली थी ड्रेस
पुलिस के मुताबिक, तीनों ने वारदात के बाद अपने कपड़े भी बीच रास्ते में रुककर बदल लिए थे। एटीएम के पास मिले सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व पॉलीगॉन टीम की फोटो में कपड़ों में अंतर दिखा। लेकिन जब सही से पड़ताल की गई तो सिर्फ शर्ट व जैकेट बदले थे। जूते, जींस व अन्य सामान वहीं था। पुलिस ने जब पकड़ा तो पूछताछ में पॉलीगॉन टीम द्वारा रोके जाने की बात भी कुबूल की है।