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विधान भवन के सामने खनन ठेकेदार और उसके साथी ने की आत्मदाह का कोशिश

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लखनऊ। विधान भवन के सामने मंगलवार दोपहर खनन ठेकेदार शिव मिलन सिंह ने अपने साथी हरिराम के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। दोनों ने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। इसी बीच प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज की नजर पड़ गई। दौड़कर हाथ से माचिस व पेट्रोल का डिब्बा छीन लिया। पुलिस ने दोनों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। ठेकेदार व उसकेसाथी मोहनलालगंज पुलिस पर रुपये मांगने का आरोप लगा रहे है। जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने मोहनलालगंज प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे को लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर अखिलेश कुमार मिश्रा को प्रभारी बनाया गया है। वहीं देर शाम डीसीपी दक्षिणी गोपालकृष्ण चौधरी ने हेड कांस्टेबल मो. रईस व कांस्टेबल योगेश मावी को लाइन हाजिर कर दिया है।
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प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, मूलरूप से प्रयागराज गणेशीपुर हड़िया निवासी शिव मिलन सिंह खनन ठेकेदार हैं। उनके साथ जोधपुर राजस्थान का हरिराम भी काम करता है। पुलिस ने सिविल अस्पताल में दोनों से पूछताछ की। ठेकेदार का आरोप है कि मोहनलालगंज पुलिस ने चार दिसंबर की देर रात अवैध खनन के आरोप में ठेकेदार के तीन डंपर व एक पोकलैंड मशीन सीज कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, इसकी रिपोर्ट खनन विभाग को भेजी गई है। लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके डंपर व पोकलैंड मशीन को सीज कर दिया। इसकी शिकायत एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव, डीसीपी गोपाल कृष्ण चौधरी से भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की मनमानी से परेशान होेकर आत्मदाह करने के लिए मजबूर हुए हैं।
इंस्पेक्टर ने आरोपों को बताया निराधार
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक, उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और मोहनलालगंज पुलिस को दे दी गई है। वहीं, इंस्पेक्टर मोहनलालगंज महेश दुबे के मुताबिक, चार दिसंबर को खनन ठेकेदार शिव मिलन सिंह और उनके साथी सिसेंडी के कोडरा रायपुर में खनन करा रहे थे। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर कार्रवाई की थी। तीन डंपर और एक पोकलैंड सीज कर दी थी। मामले की रिपोर्ट खनन विभाग को भी भेज दी गई थी। खनन विभाग ने जुर्माना लगाया है। उससे बचने के लिए दोनों पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। खनन में गाड़ियां पकड़े जाने के बाद जीडी में भी दर्ज कर दी गई थीं। ग्रामीणों ने भी दोनों पर अवैध रूप से खनन और खेत को जाने वाली नहर को पाटने का आरोप लगाया था। वहीं, एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह ने बताया कि दोनों की हालत सामान्य है।
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पहले भी लग चुके हैं इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप
मोहनलालगंज में तैनात प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। आशियाना में बतौर दरोगा तैनाती के दौरान उन पर घर से युवक को उठाकर एनकाउंटर करने का आरोप लगा था। वहीं कृष्णानगर थाने में तैनाती के दौरान भी वसूली के आरोप लग चुके हैं। बारा बिरवा चौराहे पर कुछ दिन पहले युवती द्वारा कैब चालक को थप्पड़ों से पीटा गया था। इस मामले में बतौर कृष्णानगर इंस्पेक्टर महेश दुबे ने कैब चालक के भाइयों को जबरदस्ती थाने में बैठाकर उनकी गाड़ी जब्त कर ली थी। छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये वसूले। फिर छोड़ा था। इस मामले मे उनको क्राइम ब्रांच भेजा गया था। फिर मोहनलालगंज की थानेदारी मिली। वहां पहुंचे महज एक महीना भी नहीं हुआ कि खनन ठेकेदार से वसूली का आरोप लगा है। एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, आरोपों की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
महज 29 दिन में ही पहुंच गए लाइन
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने मोहनलालगंज प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे को लाइन हाजिर कर दिया है। महेश दुबे को दो महत्वपूर्ण थानों का प्रभारी बनाया गया लेकिन उन पर वसूली के गंभीर आरोप लगे जिसके बाद हटाना पड़ा। पहली बार कृष्णानगर में कैब चालक के भाइयों की गाड़ी सीज करने व अवैध तरीके से हिरासत में लेने और 10 हजार रुपये लेकर छोड़ने का आरोप लगा था। वहीं मोहनलालगंज में 16 नवंबर को महेश दुबे को प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। महज 29 दिन में ही वसूली का आरोप लगते ही लाइन में भेज दिया गया।
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