लखनऊ। सरकारी अस्पताल के साथ दो संस्थानों में मुकम्मल इलाज न मिलने से नाका हिंडोला के रानीगंज निवासी विमल कुमार शुक्ला की मौत हो गई। उनके परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की है।
सांस लेने तकलीफ होने और निमोनिया की शिकायत पर विमल को 11 अगस्त की रात बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां समुचित इलाज नहीं मिला। 13 की रात विमल को केजीएमयू रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि घंटों भटकने के बाद भी संस्थान में बेड नहीं मिला। यह आरोप भी लगाया कि कुछ डॉक्टर मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के लिए दबाव बना रहे थे। इससे नाराज परिजन विमल को लोहिया संस्थान लेकर पहुंचे। विधायक योगेश शुक्ला की सिफारिश के बाद उन्हें भर्ती किया गया। घरवालों का आरोप है कि यहां भी मुकम्मल इलाज न मिलने से 14 अगस्त को तड़के 3:30 बजे विमल की मौत हो गई।
तीमारदार उप्र. स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत की है। इसके साथ ही जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन
घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिजन शिकायत करते हैं तो जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।
- डॉ. बीकेएस चौहान, निदेशक बलरामपुर अस्पताल
अभी तक इस मामले की शिकायत संज्ञान में नहीं आई है। कोई डॉक्टर मरीज को निजी अस्पताल में भेजने का दबाव बनाता है तो उसकी सेवाएं समाप्त कराई जाएगी।
- डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू