इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों व कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। पैसा न होने के बावजूद अब मेडिकल कॉलेजों में किसी गरीब का इलाज नहीं रुकेगा। मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को बेहतर इलाज मिले,इसके लिए सरकार गाइडलाइन बना रही है।
इसी सिलसिले में गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अरिंदम भट्टाचार्य ने केजीएमयू व सैफई पीजीआई समेत सूबे के सभी मेडिकल कॉलेजों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को बुलाया था।
उन्हें कहा गया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी व लावारिस मरीजों के इलाज में कोताही न बरती जाए। मरीजों को समय पर इलाज मिले,इसका खयाल रखा जाए। यदि किसी मरीज को लगातार ब्लड चढ़ना है तो उसे मुफ्त में ब्लड मुहैया कराया जाए।