केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गंभीर मरीजों को लेकर यहां के नर्सिंग स्टाफ का रवैया संवेदनहीन बना हुआ है। बृहस्पतिवार को हादसे में जख्मी एक महिला दर्द से कराहती रही और स्टाफ कंप्यूटर पर फिल्म देखने में व्यस्त रहा।
बार-बार बुलाने पर जब स्टाफ सीट से नहीं उठा तो तीमारदार ने मोबाइल से उसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इससे तमतमाए स्टाफ ने तीमारदार को कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ अभद्रता की और फोन छीन लिया।
बाद में सीनियर डॉक्टरों ने हस्तक्षेप कर तीमारदार को छुड़वाया। इसके बाद उसने जमकर हंगामा किया। उधर देर शाम ट्रॉमा प्रभारी हैदर अब्बास ने नर्सिंग स्टाफ संतोष कुमार को ड्यूटी से हटा दिया है।
उन्नाव (हसनगंज) निवासी सर्वेश कुमार रावत ने बताया कि उसकी नानी रुद्रा (55) बुधवार को एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं। उन्हें पहले सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
फिल्म देखने में रहे बिजी, कहा-बाद में आना
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रात में नानी को न्यूरो सर्जरी विभाग में रखा गया था, लेकिन यहां इलाज में लापरवाही बरती जा रही रही थी। हादसे बाद से नानी ने कुछ भी खाया पीया नहीं था। जब डॉक्टरों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सुबह बताएंगे।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे नानी की हालत में कुछ सुधार होने पर डॉक्टरों ने फिर उन्नाव सीएचसी रेफर कर दिया गया। सर्वेश ने बताया कि जब वह नर्सिंग स्टाफ से बात करने गया तो कहा कुछ देर बाद आना।
थोड़ी देर बाद जब वह दोबारा पहुंचा तो स्टाफ कंप्यूटर पर फिल्म देखने में व्यस्त था। इस पर उन्होंने फोटो और वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इस पर नर्सिंग स्टॉफ ने सर्वेश को बंधकर बनाकर मोबाइल छीन लिया। गैलरी से फोटो और विडियो डिलीट कर दिए।
मरीज को किया बाहर
सर्वेश का गुस्सा नर्सिंग स्टाफ ने मरीज से निकाला। आनन-फानन मरीज को वार्ड से बाहर कर दिया गया। इस पर तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी जानकारी जब सीनियर डॉक्टरों को मिली तो उन्होंने मामले को सुलझाकर मरीज को फिर से ट्रॉमा में भर्ती कर लिया।
पेट दर्द से कराह रही महिला को भगाया
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नीलमथा ने आईं कमलावती ने बताया कि पेट में तेज दर्द के साथ सूजन थी। सोमवार सुबह ओपीडी में दिखाया तो ट्रॉमा भेज दिया। यहां आने डॉक्टरों ने भगा दिया। बाद में निजी क्लीनिक से दवा लेकर जैसे तैसे काम चलाया।
राहत नहीं मिली तो अगले दिन फिर ओपीडी गए और वहां से फिर ट्रॉमा भेजा गया। भतीजे रामलाल ने बताया कि सुबह से ही वह ट्रॉमा के चक्कर लगा रहे हैं। यहां इधर से उधर दौड़ाया जा रहा है।
भर्ती करने को कहा तो कहते हैं कि बेड खाली नहीं हैं दूसरी जगह ले जाओ। इसी बीच पहुंचे मीडिया वालों को देखकर कमलावती को भर्ती कर लिया। वहीं, पेट दर्द की समस्या से पीड़ित राजबहादुर (60) को बलरामपुर से ट्रॉमा रेफर किया गया था।
दो घंटे से तीमारदार पर्चा बनवाने के लिए इधर उधर दौड़ते रहे। इस दौरान स्ट्रेचर नहीं मिलने से मरीज दर्द से कराहता हुआ फर्श पर पड़ा रहा।
ड्यूटी पर फिल्म देखने पर स्टॉफ को हटाया
- फोटो : अमर उजाला
मामले पर ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. हैदर अब्बास कहा कहना है कि ड्यूटी के दौरान फिल्म देखने पर नर्सिंग स्टाफ संतोष कुमार को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
साथ ही तीमारदार द्वारा वार्ड में फोटो और वीडियो बनाना नियमों का उल्लंघन है। इस मामले में तीमारदार और नर्सिंग स्टाफ दोनों से बात की है।
मरीज का फिर से इलाज किया जा रहा है। मरीजों को अगर कोई समस्या है तो उन्हें अधिकारियों से तत्काल शिकायत करनी चाहिए।