शासन ने उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम के 73 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों (एआरएम) की भर्ती लोकसेवा आयोग से कराने का मन बनाया है लेकिन इसके लिए परिवहन निगम का राजकीय का दर्जा होना जरूरी है। तभी एआरएम की भर्ती लोकसेवा आयोग से हो सकेगी। शासन की कवायद से माना जा रहा है कि परिवहन निगम को जल्द ही राजकीय संस्थान का दर्जा मिल सकता है। अगर निगम को राजकीय संस्थान का दर्जा मिला तो अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लंबे अरसे की मुराद पूरी हो जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कार्मिक इकाई ने 73 एआरएम की भर्ती के लिए शासन से अनुमति मांगी है। शासन ने इस प्रस्ताव पर निगम को अनुमति देने के बजाय यह भर्ती लोकसेवा आयोग से कराने का मन बनाया है। मगर निगम का शासकीय विभाग न होना इसमें सबसे बड़ा पेंच फंस रहा है।
इस आधार पर निगम को शासकीय संस्थान का दर्जा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। उधर, कर्मचारी संगठन भी काफी दिनों से परिवहन निगम को राजकीय का दर्जा देने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में शासन अगर ये भर्ती आयोग से कराएगा तो निगम को राजकीय रोडवेज का दर्जा देने का आदेश भी करना पड़ेगा।
निगम को सीधी भर्ती का अधिकार
अधिकारियों ने बताया कि निगम को अफसरों को सीधी भर्ती करने का अधिकार है। इसके तहत वर्ष 1985, 1987, 1989, 1998, 2005 एवं 2015 में एआरएम की भर्ती हुई है। वर्ष 2015 में आईआईएम के जरिए 30 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों की भर्ती कराई गई थी, जिसमें 16 संचालन, 14 तकनीकी के शामिल थे।