चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) वीके यादव को हाल ही एक साल का एक्सटेंशन मिला है। सूत्रों ने बताया कि इससे रेलवे बोर्ड के सबसे वरिष्ठ अधिकारी सदस्य यातायात पीएस मिश्र के सीआरबी बनने की संभावनाओं पर पानी फिर गया है। जबकि उनसे जूनियर अधिकारी मेंबर इलेक्ट्रिकल (ट्रैक्शन) राजेश तिवारी को सीआरबी बनने का मौका मिल जाएगा। मिश्र सिविल सेवाओं से आए हैं, जबकि तिवारी इंजीनियरिंग सेवाओं से हैं। इससे भी सिविल सेवाओं से रेलवे में आए अधिकारियों में नाराजगी है।
एयर इंडिया जैसा होगा रेलवे का हाल
आईआरएमएस के खिलाफ रेलवे अधिकारियों का गुस्सा सोशल मीडिया पर भी सामने आ रहा है। राजकोट की मंडल परिचालन प्रबंधक जीविषा जोशी ने ट्वीट किया, काडरों के विलय से विनाशकारी स्थितियां पैदा होंगी और घृणा का माहौल पैदा होगा। मार्शल ए. सिल्वा ने लिखा कि एयर इंडिया व इंडियन एयरलाइंस के विलय से जो बर्बादी हुई है, वही रेलवे के साथ होगा। इन अधिकारियों ने चेयरमैन रेलवे बोर्ड को ट्विटर पर टैग कर अपना पक्ष रखा, लेकिन सीआरबी के ट्विटर पर सक्रिय नहीं रहने से जवाब नहीं दिए गए।