अगले सात दिनों तक रेल से सफर मुश्किलों भरा होगा।
वजह यह है कि बाराबंकी स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य 27 नवंबर से 04 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान 26 एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में निरस्त किया गया है।
इसमें गोरखपुर से लखनऊ के रास्ते जाने वाली 15 एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
एनईआर के सीपीआरओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि रास्ता बदलकर कर चलाई जाने वाली 46 ट्रेनों में 43 ट्रेनें गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर चलने वाली हैं।
इन रेलगाड़ियों के स्टॉपेज बढ़ाए गए
सिग्नल या प्लेटफार्म के अभाव में ट्रेनों को आउटर या बगल के स्टेशन पर न रोकी जाए इसके लिए बाराबंकी स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है।
इसमें नई रनिंग लाइनें बनाई जाएंगी और एक लाइन को दूसरे लाइन से जोड़ा जाएगा। ताकि प्लेटफार्म खाली न रहने पर भी ट्रेन को बीच की लाइनों में खड़ा किया जा सके।
अहम बात यह है कि निरस्त ट्रेनों में गोरखपुर लखनऊ इंटरसिटी और छपरा लखनऊ एक्सप्रेस भी शामिल है।
ये ट्रेनें महत्वपूर्ण इसलिए है कि इनमें ज्यादातर यात्री रोजाना सफर करते हैं। लिहाजा इनके लिए लखनऊ के सफर में काफी मुसीबतें झेलनी पड़ेंगी।