बलरामपुर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने हफ्ते भर में दो मरीजों की जान ले ली। मरीजों के वाहन अस्पताल इमरजेंसी में पहुंचते-पहुंचते आधे से एक घंटा लग रहा है। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान जा रही मगर अफसरों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अस्पताल ने इमरजेंसी के सामने मुख्य द्वार बंद करा रखा है। ऐसे में निजी वाहन से मरीज को लेकर पहुंचे तीमारदारों की गाड़ी अंदर नहीं घुसने दी गई। तीमारदार कचहरी मार्ग पर खुले गेट से अंदर गाड़ी ला रहे थे तभी उस रूट पर लगे जाम में वाहन फंस गया। इस दौरान मरीज की गाड़ी में मौत हो गई। तीमारदार मरीज को लेकर ट्रॉमा तरफ भागे वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीतापुर अटरिया निवासी राम विलास 54 को सांस की दिक्कत थी। पहले उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। मगर वहां पर कोई फायदा न हुआ। सोमवार सुबह बेटा रामू पिता को लेकर बलरामपुर अस्पताल आ रहा था। निजी वाहन को लेकर वह अस्पताल के मुख्य द्वार पर करीब दोपहर 12 बजे पहुंचा। वहां पर गेट पर ताला लटक रहा था। परिजन गाड़ी लेकर थोड़ा आगे बढ़े तो जाम में फंस गए। काफी देर तक वहां पर फंसे रहने बाद तीमारदारों ने गाड़ी वापस घुमा ली। इसी बीच मरीज की सांसें कार में उखड़ गई। तीमारदार मरीज को ट्रॉमा ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे रामू का कहना है इमरजेंसी जाने वाले मुख्य गेट को बंद था। गाड़ी लेकर आगे बढ़े तो जाम में फंस गए। इसी बीच मरीज की गाड़ी में सांस उखड़ गई। कचहरी मार्ग पर खुले दूसरे गेट पर लंबा जाम लगा होने से गाड़ी ट्रॉमा सेंटर ले गए।
एक सितंबर को किशोरी ने ई रिक्शे पर तोड़ा था दम
ठाकुरगंज कैंपल रोड की रहने वाली नगमा 16 उल्टी-दस्त से ग्रस्त थी। पहले नजदीकी क्लीनिक से दवा ले रही थी। हालत बिगड़ने पर परिजन बीती 1 सितंबर दोपहर करीब एक बजे ई रिक्शे पर लादकर मरीज को बलरामपुर अस्पताल ला रहे थे। मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। गार्डों ने कचहरी मार्ग से घुमकर आने को कहा। परिजन ई रिक्शे से जैसे आगे बढ़े तो वह जाम में फंस गया। करीब आधे घंटे बाद करीब ढ़ाई बजे ई रिक्शा इमरजेंसी पर पहुंचा। मां अनीशा का कहना है ई रिक्शा जाम में फंसने से उसकी मौत हो गई। अस्पताल के मेन गेट खुला न होने से आधे घंटे तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। इसी बीच उसकी सांसें उखड़ गई। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने परीक्षण करके उसे मृत घोषित कर दिया।
रोड पर लगवा दी पार्किंग, हर रोज लग रहा भीषण जाम
बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में मरीज-तीमारदार वाहन न ला पाए इसके लिए मेन गेट को बंद करा दिया। ऐसे में ओपीडी में आने वाले मरीजों केवाहन मुख्य मार्ग पर खड़े कराए जा रहे हैं। सड़क के दोनों तरफ वाहन लगा होने से रोड संकरी होने से हर रोज भीषण जाम लग रहा है। एंबुलेंस से लेकर मरीजों के वाहन उसमें फंस रहे हैं।