लखनऊ मेट्रो के बनने की वजह से ट्रैफिक में जो बदलाव किए गए हैं वह अभी जल्द खत्म नहीं होने वाले। इसकी मियाद लंबी चलेगी।
राजधानी में मेट्रो रेल कोरिडोर के भूमिगत निर्माण के दौरान चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच ट्रैफिक रोका जाएगा। करीब 3.5 किमी का यह मेट्रो रूट पहले चरण के नॉर्थ-साउथ कोरिडोर में बनाया जाना है।
इस दौरान वैकल्पिक रूट की व्यवस्था के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा सर्वे कराया जाएगा। एलएमआरसी के अनुसार जब भूमिगत काम चल रहा होगा, सड़क पर मौजूद ट्रैफिक को रोकना जरूरी होगा। यह काम अगले वर्ष शुरू होने के साथ ही शुरू हो जाएगा।
चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच भूमिगत निर्माण के दौरान ट्रैफिक को दूसरी मार्गों से निकाला जाएगा। इन बदलावों से नागरिकों को ज्यादा परेशान न हो इसके लिए अध्यन कर तय किया जाएगा कि कौनसे मार्ग बेहतर होंगे और उन पर नए डायवर्जन प्लान क्या हो सकते हैं।
भूमिगत निर्माण के दौरान हजरतगंज, हुसैनगंज और सचिवालय पर तीन मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस संबंध में पिछले दिन लखनऊ आए एलएमआरसी के प्रमुख सलाहाकार श्रीधरन ने जानकारी दी थी कि भूमिगत निर्माण कार्यों के लिए अगले वर्ष के शुरु में ही टेंडर फाइनल किए जाएंगे।
वहीं समय पर काम पूरा करने के लिए कांट्रेक्टर को 30 महीने का समय दिया जाएगा। दूसरी ओर प्रोजेक्ट फंड के लिए के लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) के साथ प्रदेश और केंद्र लोन मसौदे पर हस्ताक्षर करेंगे।
इसकी पहली किस्त इसी वर्ष दिसंबर तक मिलने की उम्मीद है। ईआईबी द्वारा एलएमआरसी के पहले कोरिडोर को करीब 3.5 हजार करोड़ का लोन दिया जा सकता है।