लखनऊ। नो-पार्किंग एरिया में पार्क वाहनों को 5 मिनट अनाउंसमेंट के बाद उठाने का आदेश हवा-हवाई ही साबित हुआ। क्रेन चालक मनमाने तौर पर कार उठा रहे हैं। उन्हें इससे मतलब नहीं कि उनके आउटडेटेड हो चुके क्रेन से कार को नुकसान होगा और न ही इससे मतलब है कि उनकी लहराती क्रेन जाम का कारण बन रही है। तुर्रा ये कि वाहन ले जाते समय अनाउंसमेंट करने के सवाल पर टका सा जवाब होता है-कर तो रहे हैं...। वीडियोग्राफी तो शुरू ही नहीं हुई। डीसीपी यातायात रईस अख्तर ने अनाउंसमेंट के बाद वाहन उठाने का एक बेहतर उपाय दिया, पर उनके मातहत कर क्या रहे हैं, ये हम आपको बता रहे हैं...
क्या आदेश था डीसीपी का
-वाहन उठाने से पहले पांच मिनट अनाउंसमेंट किया जाएगा।
-वाहन उठाते वक्त वीडियोग्राफी की जाएगी।
-वाहन मालिक से बदसुलूकी पर कार्रवाई की जाएगी।
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...और यह कर रहे
कई कारें खड़ी थीं...एक को चुना और लेकर चलता बने
सहारागंज के पास कारों के उठाने वाले क्रेन चालकों का अड्डा है। शाम करीब 4.55 बजे पहुंच गए। बमुश्किल पांच मिनट ही गुजरा कि एक क्रेन आगे की ओर बढ़ने लगा। यातायात पुलिसकर्मी लपककर क्रेन पर सवार हो गया। रास्ते में सड़क किनारे नोपार्किंग में 50 से ज्यादा कारें खड़ी थीं। ज्यादातर में कोई न कोई सवार था। सरकारी वाहन भी नोपार्किंग पर इत्मीनान से कब्जा जमाए खड़े थे। पर, इससे न तो उस चालक को और न यातायातकर्मी को कोई फर्क पड़ा। वह तो किसी खास शिकार की तलाश में था। श्रीराम टावर के सामने खड़ी कारों में से एक को चुना और क्रेन लगा दी। पास ही खड़ा वाहन मालिक दौड़ता हुआ आया। उसने नाराजगी जताई। तो पुलिसकर्मी हंसते हुए क्रेन को आगे बढ़वा दिया और दूसरी कार को उठाकर चलता बने। शाम 5.30 बजे गंज चौराहे के पास ऐसे ही एक कार को उठाया गया। यहां भी कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ।
तीनों नियम तोड़ दिए
-अनाउंसमेंट किया होता तो पहली कार उठाने की नौबत न आती।
-वीडियोग्राफी कराया ही नहीं।
-नाराजगी जताने पर अपने बनाए नियमों को तोड़ने के लिए माफी मांगने के बजाय हंसते हुए आगे बढ़ गए।
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मनमानी यह भी : बिना यातायात कर्मी के उठा रहे वाहन
सहारागंज के पास सोमवार दोपहर में क्रेन वाले वाहन उठाने के लिए निकले। वो भी बिना यातायात कर्मी के। चालक कार उठाकर ले भी गया। इसके बाद दूसरे चक्कर में यातायात कर्मी उसपर सवार हुआ और वाहन उठाने के लिए गया।
नियम बनाने से ही क्या सुधर जाएगी व्यवस्था...
डीसीपी यातायात रईस अख्तर से सीधी बात
1-वाहनों को उठाने में पिक एंड चूज का फॉर्मूला क्यों अपनाते हैं, नियम तो सबके लिए एक जैसा होना चाहिए?
उत्तर- क्रेन उन्हीं वाहनों को उठाता है जिनसे जाम लगता है। ऐसे में वह वाहन किसी का भी हो, उसको तुरंत उठाया जाएगा।
2-आदेश का कितना पालन हो रहा है, इसका ध्यान कौन रखेगा?
उत्तर-आदेश लागू करने के बाद नीचे स्तर तक सभी को नियमों की जानकारी दे दी गई थी। साफ-साफ कहा गया कि अनाउंसमेंट व वीडियोग्राफी के बिना वाहन नहीं उठाए जाएं। अगर इसका पालन नहीं हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और सख्ती से इसका पालन करवाया जाएगा।
3 . बिना यातायात पुलिस कर्मी के भी वाहन उठाए जा रहे हैं। यह सब कैसे हो रहा है?
उत्तर- बिना यातायात कर्मचारी के कोई भी वाहन नहीं उठाया जा सकता है। यही नहीं बिना यातायात कर्मचारी के चालान नहीं किया जा सकता है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
4 : जिस तरह की क्रेन से कारें उठाई जा रही हैं, अगर उनसे कार को कोई नुकसान हो तो कौन भरपाई करेगा?
उत्तर- क्रेन से किसी गाड़ी को उठाने से पहले इसका खास ध्यान रखा जाता है कि वाहन को कोई नुकसान न हो। अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
5-लोगों को पार्किंग सुविधा की जानकारी नहीं है, इसके लिए क्या किया जा रहा?
उत्तर-नगर निगम से टाईअप किया जा रहा है। कौन सी मार्केट में कहां पार्किंग होनी है उसके लिए जगह देखी जा रही है। जल्द यह समस्य दूर कर दी जाएगी। इससे आम जनता को सुविधा होगी।