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आसिफी इमामबाड़े में वीडियो नहीं बना सके पर्यटक, वीडियो बनाने और बगैर सिर ढके मुख्य परिसर में जाने पर रही सख्ती

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ऐतिहासिक आसिफी इमामबाड़े का दीदार करने रविवार को पहुंचे पर्यटक इमामबाड़ा परिसर में वीडियो नहीं बना सके। इमामबाड़े के मुख्य परिसर में डांस का वीडियो वायरल होने के बाद इमामबाड़े में वीडियो बनाने और महिलाओं को बगैर सिर ढके मुख्य परिसर में जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
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उलमा का कहना था कि इमामबाड़ा धार्मिक स्थल है। इसमें किसी भी तरह की अशोभनीय कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उलमा की नाराजगी के बाद हुसैनाबाद ट्रस्ट ने शनिवार को इमामबाड़े के मुख्य परिसर में महिलाओं के बगैर सिर ढके प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। ट्रस्ट ने मुख्य परिसर के गेट पर ही महिलाओं के लिये दुपट्टे और स्टोल की व्यवस्था की है। रविवार को इमामबाड़ा घूमने आने वाले पर्यटकों को मुख्य परिसर में जाने के लिए ट्रस्ट ने दुपट्टे मुहैया कराए।
वीडियो बनाने से रोकने के लिए कर्मचारी तैनात
आसिफी इमामबाड़े में पर्यटकों को वीडियो बनाने से रोकने के लिए हुसैनाबाद ट्रस्ट ने अलग से दो कर्मचारी तैनात किए हैं। ये कर्मचारी पर्यटकों पर नजर रखने का काम कर रहे हैं। आसिफी इमामबाड़े के प्रभारी हबीबुल हसन ने बताया कि ट्रस्ट के चेयरमैन व जिलाधिकारी के आदेश के बाद आसिफी इमामबाड़े के प्रवेश द्वार और मुख्य परिसर के बाहर लोगों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगा दिए गए हैं। इसमें किसी भी तरह का अशोभनीय कृत्य करने और उसका वीडियो बनाने को प्रतिबंधित करने की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के वीडियो कैमरे गेट पर ही जमा कराए जा रहे हैं।
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डांस वीडियो बनाने का मातम कर किया विरोध
आसिफी इमामबाड़े में डांस का वीडियो बनाने से नाराज शिया समुदाय के लोगों ने रविवार को मातम व सीनाजनी कर नाराजगी जताई। उन्होंने जिलाधिकारी व हुसैनाबाद ट्रस्ट के चेयरमैन से इस तरह की अशोभनीय घटना पर रोक लगाने की मांग की। शहाने अवध ट्रस्ट बचाव कमेटी के अध्यक्ष साबिर अली खान और प्रवक्ता प्रिंस इकबाल मिर्जा की अगुवाई में शिया समुदाय के लोग रविवार को इमामबाड़ा परिसर स्थित आसिफी मस्जिद में एकत्र हुए। यहां से मातम व सीनाजनी करते हुए इमामबाड़े के मुख्य परिसर गए और अपनी नाराजगी जताई। प्रिंस इकबाल मिर्जा ने कहा कि इमामबाड़े इबादत की जगह हैं कोई पिकनिक स्पॉट नहीं। उन्होंने इबादतगाहों में किसी भी तरह की अशोभनीय कार्य बर्दाश्त नही किया जा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर शाहरुख नवाब एडवोकेट, प्रिंस समर मियां, जिया नवाब, जमाल मिर्जा, जव्वार हुसैन, रियासत हुसैन आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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