रामनगरी में विश्व की सबसे ऊंची 221 मीटर की भगवान श्रीराम की विशालकाय मूर्ति स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। पर्यटन विभाग की ओर से भूमि के अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसमें सरयू किनारे 222 लोगों की 28.2864 हेक्टयर भूमि ली जानी है। इसमें 66 भवन व 5 मदिरों के अधिग्रहण का भी प्रस्ताव है।
श्रीराम की मूर्ति की लिए योगी सरकार द्वारा पहले ही 200 करोड़ का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। सरकार इस मूर्ति को भव्यता प्रदान करने की तैयारी में है, ताकि पर्यटकों को लुभाने के साथ-साथ रामनगरी की आध्यात्मिक व धार्मिक आभा को भी विश्व स्तर पर चमत्कृत कर सके।
अयोध्या के सरयू नदी के पास भगवान राम की करीब 221 मीटर ऊंची प्रतिमा लगनी है। इसके लिए 28.2864 हेक्टेयर जमीन अधिकृत करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसके लिए पयर्टन विभाग ने भूस्वामियों को 20 जून तक पर्यटन कार्यालय में अपना पक्ष रखने के लिए भूमि व प्रापर्टी के कागजात के साथ बुलाया गया है।
प्रस्तावित मूर्ति की स्थापना के लिए करीब 222 लोगों की 265 गाटा संख्या से 28.2864 हेक्टेयर भूमि क्रय की जानी है। सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत 38 करोड़ 6 लाख आंकी गई है, लेकिन नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्र की भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना और शहरी क्षेत्र की भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से दोगुना देने की व्यवस्था है।
अधिग्रहण के दायरे में भूमि समेत 66 भवन, 224 वृक्ष भी आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त पांच मंदिर तपस्वी राम नारायण दास जी महाराज चेला रामकिशुनदास बधई बाबा फटिक शिला, कुष्ठ आश्रम, बमबम महाराज, अंर्तयामी, काली मंदिर का भी अधिग्रहण होना है।
मूर्ति के बेसमेंट में स्थापित होगा भव्य म्यूजियम
मूर्ति के बेसमेंट के अंदर एक भव्य हाल होगा, जिसमें एक म्यूजियम स्थापित किया जाएगा। इस म्यूजियम मे भगवान विष्णु के सभी अवतारों की जानकारी और अयोध्या रामजन्मभूमि का इतिहास भी दर्शाया जाएगा। यहां मूर्ति के अलावा विश्राम घर, श्रीराम की कुटिया और रामलीला मैदान भी बनाए जाने का प्रस्ताव है।
रामनगरी में स्थापित होने जा रही यह प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी से भी ऊॅची होगी। स्टेचू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है, जबकि प्रस्तावित भगवान श्रीराम की प्रतिमा की कुल ऊंचाई 221 मीटर होगी, तो इसका आधार 50 मीटर का होगा इसके ऊपर 20 मीटर ऊंचा क्षत्र लगेगा।
श्रीराम की मूर्ति के लिए अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कुल 28.2864 हेक्टयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। जमीन क्रय करने का नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया है। भू स्वामियों 20 जून तक कागजात के साथ अपना पक्ष कार्यालय आकर रख सकते हैं।
बीपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या