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सुल्तानपुर : परीक्षार्थियों को मिला न्याय, अवध विश्वविद्यालय के पुनर्मूल्यांकन में बढे़ नंबर

Thu, 06 Jun 2019 08:49 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला सुल्तानपुर
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद - फोटो : amar ujala
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बीए प्रथम वर्ष के मध्यकालीन इतिहास विषय में एवरेज मार्किंग मामले में आखिरकार परीक्षार्थियों को न्याय मिल ही गया। विश्वविद्यालय की गलती से ओएमआर शीट की कुंजी कंप्यूटर में गलत लोड हुई थी। इसी वजह से मध्यकालीन इतिहास विषय में सभी परीक्षार्थियों को अंक कम मिले थे। कुलपति ने जांच समिति से प्रकरण की जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। दोबारा ओएमआर शीट की जांच के बाद रिजल्ट घोषित किया गया तो परीक्षार्थियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। 
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एवरेज मार्किंग प्रकरण को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने जिलाधिकारी से मिलकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने मामले में दो कमेटियां गठित कर जांच कराई तो कंप्यूटर में ओएमआर शीट की आंसर-की गलत लोड मिली। जांच रिपोर्ट के आधार के कुलपति ने बीए प्रथम वर्ष के मध्यकालीन इतिहास की सभी ओएमआर शीट दोबारा से चेक कराई। 

पुनर्मूल्यांकन में बड़ी संख्या में छात्रों के नंबर 50 से लेकर 70 तक बढ़ गए। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के सोनाली श्रीवास्तव को दोनों प्रश्नपत्रों में 88 अंक मिले थे, जो अब बढ़कर 169 हो गए हैं। प्रज्ञा सिंह को 87 नंबर मिले थे, जो अब बढ़कर 165 हो गए हैं। हिमांशु मिश्र को 75 नंबर मिले थे, जो अब बढ़कर 152 हो गए हैं। सौभाग्य द्विवेदी को 76 नंबर मिले थे, जो अब बढ़कर 159 हो गए हैं। 
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इसी तरह जयसिंहपुर क्षेत्र के रामबरन स्नाकोत्तर महाविद्यालय बिभारपुर की छात्रा लाजो मिश्र को 67 की जगह अब 137 अंक प्राप्त हुए हैं। शिवांगी को 80 की जगह अब 152 अंक प्राप्त हुए हैं। अफरीन बानो को 60 की जगह अब 130 अंक मिले हैं। 
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पुनर्मूल्यांकन से बढ़ा उत्तीर्ण प्रतिशत 

एवरेज मार्किंग मामले में कुलपति द्वारा कराए गए पुनर्मूल्यांकन से छात्र-छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़ा है। बड़ी संख्या में 55 से 58 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 70 फीसदी से अधिक हो गया है। केएनआई के सौभाग्य द्विवेदी का पहले उत्तीर्ण प्रतिशत 57.5 था। जो पुनर्मूल्यांकन के बाद 71.17 हो गया है। रामबरन महाविद्यालय के आयुष सिंह, मानसी, लाजो मिश्रा, शिवांगी समेत कई ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके उत्तीर्ण प्रतिशत में सुधार आया है। 

शिक्षकों-अभिभावकों ने की अमर उजाला की सराहना
एवरेज मार्किंग प्रकरण में ‘अमर उजाला’ ने लगातार कई खबरें प्रकाशित की थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। कुलपति ने मामले का संज्ञान लेकर जांच कमेटी बनाई तो उसकी रिपोर्ट के आधार पर परीक्षार्थियों को न्याय मिल सका। 

कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान की राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्ष रंजना सिंह ने ‘अमर उजाला’ की सराहना की। वहीं, प्राचार्य डॉ. राधेश्याम सिंह ने कहा कि समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद ही मामले की जांच हुई। 

रामबरन महाविद्यालय विभारपुर के प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने एवरेज मार्किंग को लेकर ‘अमर उजाला’ की मुहिम को काबिल-ए-तारीफ बताया। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप सिंह ने कहा कि ‘अमर उजाला’ की पहल से ही बच्चों को न्याय मिल सका।
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