बिसवां में सपा ने पूर्व प्रत्याशी अफजाल कौसर को टिकट दिया है। भाजपा ने अभी तक टिकट फाइनल नहीं किया है। महमूदाबाद में भाजपा और सपा दोनों ने पुराने चेहरों पर दांव लगाया है। यहां भी इस बार दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है। सेवता विधानसभा क्षेत्र की बात करें सपा ने चार बार के विधायक रहे महेंद्र सिंह झीन बाबू को टिकट दिया है।
महेंद्र सिंह 1996, 2002, 2007, 2012 में लगातार विधायक रहे हैं। 2017 में उन्हें टिकट नहीं मिला था। सपा यहां से हार गई थी। भाजपा से ज्ञान तिवारी विधायक बने थे। इस बार भाजपा ने ज्ञान तिवारी और सपा ने महेंद्र सिंह को टिकट दिया है। ऐसे में यहां भी कड़ी टक्कर के आसार हैं।
मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने विधायक रामकृष्ण भार्गव को टिकट दिया है। सपा से टिकट को लेकर कयासों का दौर जारी है। पूर्व राज्यमंत्री के बेटे का नाम चल रहा है, लेकिन अभी तक मुहर नहीं लगी है। सियासी पंडितों की माने तो सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने के बाद जो सियासी समीकरण बन रहे हैं, उससे इस बार भाजपा को 2017 का प्रदर्शन दोहरा कर गढ़ बचाने और सपा को अस्तित्व बचाने की चुनौती है। अब इस चुनावी दंगल में फाइनल परिणाम 10 मार्च को आएंगे, इसके बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
सिधौली विधानसभा सीट को लेकर भी पार्टियां असमंजस में है। अभी तक न तो भाजपा और न ही सपा यहां से प्रत्याशी का नाम फाइनल कर सकी है। 2017 में बसपा के टिकट से जीतने वाले हरगोविंद भार्गव सपा में है। मनीष रावत भी सपा में हैं। ऐसे में सपा किस पर दांव लगाती है। यह देखना दिलचस्प होगा। भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रामबख्श रावत ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव से पहले सपा का दामन थामने के बाद अब फिर पुराने घर लौट आएं हैं।
सपा ने मिश्रिख से मनोज राजवंशी और लहरपुर से अनिल वर्मा को दिया टिकट
सपा ने मंगलवार को मिश्रिख से मनोज राजवंशी और लहरपुर से अनिल वर्मा को टिकट दे दिया है। मनोज राजवंशी, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी के बेटे हैं। मंगलवार को रामपाल राजवंशी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। टिकट को लेकर सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने पुष्टि की है।