रैंक : प्रदेश में प्रथम
मार्क्स व प्रतिशत : इंटरमीडिएट में 486/500, 97.20
माता-पिता - विशाल और गीता राठौड़
स्कूल - लखनऊ पब्लिक इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम
सफलता का श्रेय : अपने माता-पिता को
लक्ष्य : आईएएस ऑफिसर
सक्सेस मंत्र: पढ़ाई को वाजिब समय दिया। मुझे कभी नहीं लगा कि पढ़ाई के लिए निर्धारित समय के दौरान मैंने कोई और काम किया हो। शायद यही वजह है कि मुझे एकाग्र रहने में मदद मिली। यही समर्पण और एकाग्रता मेरा सक्सेस मंत्र है।
टिप्स : भावी बोर्ड परीक्षा के स्टूडेंट्स को मैं सुझाव दूंगी कि वे अपने कोर्स में कोई भी हिस्सा न छोड़ें। भले कुछ हिस्से कठिन लगे लेकिन वे पाठ से जुड़े होते हैं और उनसे ही कोर्स का बाकी हिस्सा जुड़ा हो सकता है। कठिन चीजों को भी समझने की कोशिश करेंगे तो समझना बहुत मुश्किल नहीं है।
ज्योति कहती हैं कि टीचर्स ने उन्हे हमेशा गाइड किया। आगे वो बीएससी में एडमिशन लेंगी, उसके बाद ज्योति प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती हैं।