मोहर्रम का चांद मंगलवार शाम नुमाया हो गया। अजादार गम में डूब गए।
महिलाओं ने काला लिबास पहन लिया। करबला के शहीदों के मातम का आगाज हुआ।
जिलहिज्ज की 30 तारीख को मंगलवार को इस्लामी महीने मोहर्रम का चांद दिखाई दिया।
मरकज़ी चांद कमेटी और शिया चांद कमेटी ने आज मुहर्रम का चांद होने की घोषणा की।
मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली तथा शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि पहली मुहर्रम छह नवंबर तथा अशरा 15 नवंबर को होगा।
अज़ाख़ानों और इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा। जो 8वीं रबीउल अव्वल तक जारी रहेगा।
मजलिसों में अज़ादार एक मजलिस से दूसरी मजलिस में शिरकत कर इमाम हुसैन और करबला के शहीदों का गम मनाएंगे। मजलिसों के लिए शहर के इमामबाड़े तैयार हो गए हैं।
इमामबाड़ा गुफरानमआब में मौलाना कल्बे जव्वाद मजलिसों को खिताब करेंगे। यहां के बाद सुबह 11:30 बजे इमामबाड़ा आगा बाकर में मौलाना मीसम जैदी मजलिसें खिताब करेंगे।
दोपहर 12:30 बजे विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित इमामबाड़ा नाजिम साहब में जनाब ए हजरत ए अब्बास के उनवान से मर्सिए की मजलिस होगी, जिसमें विभिन्न मर्सिया वां अपने मर्सिए पेश करेंगे।
दोपहर 1:30 बजे जामिया नाजमियां में होने वाली मजलिस को मौलाना सैयद हमीदुल हसन खिताब करेंगे।
शाम चार बजे विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित शिया पी.जी. कॉलेज के सईदुल मिल्लत हॉल में होने वाली मजलिस को मौलाना सैयद अलह नासिर सईद अब्काती आगा रूही खिताब करेंगे।
वहीं अफजल महल में होने वाली मजलिस को मौलाना मीसम जैदी खिताब करेंगे। इसके अलावा भी शहर के विभिन्न अजाखानों और इमामबाड़ों में होने वाली मजलिसों को उलमा खिताब करेंगे।