आईटी सिटी, ट्रिपल आईटी और मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की आधारशिला बुधवार को रखी जाएगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीजी सिटी में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में इन तीनों ही परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
सीजी सिटी को चार चांद लगाने वाली इन परियोजनाओं से राजधानी की नई पहचान बनेगी और तकनीकी शिक्षा, रोजगार के मौके के साथ ही कैंसर, हृदय रोग व न्यूरो सर्जरी व गंभीर बीमारियों के इलाज के बेहतर विकल्प मिलेंगे।
गौरतलब है कि इन उपलब्धियों के साथ ही प्रदेश सरकार जनता के बीच जाना चाहती है। आईटी सिटी के जरिए 75 हजार छात्राओं को नौकरी मिलेगी। इस आईटी सिटी का विकास 100 एकड़ जमीन में किया जाएगा।
एचसीएल समूह की वामा सुंदरी इंवेस्टमेंट इंडिया लि. पीपीपी मॉडल पर विकास करेगी। इसके लिए निजी क्षेत्र से 1500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
आईटी सिटी की परियोजना पूरी होने पर 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व 50 हजार को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। 10 एकड़ क्षेत्र में कौशल विकास केंद्र बनेंगे, जिसमें हर साल 5000 युवा ट्रेनिंग पाएंगे।
मेदांता में कैसर का होगा सस्ता इलाज
अगला अहम प्रोजेक्ट है मेदांता हॉस्पिटल का। करीब 1000 बेड का ये सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शहीद पथ पर 12 एकड़ जमीन पर बनेगा।
यहां 300 बेड क्रिटिकल केयर और करीब 30 ऑपरेशन रूम होंगे। कैंसर, हृदय रोग, न्यूरो, हड्डी रोग की अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कैंसर के लिए दवा, रेडिएशन व सर्जरी की सुविधा एक छत के नीचे मौजूद होगी। यहां आर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा होगी, यूनानी व आयुर्वेदिक मेडिकल सेंटर होगा।
हेल्थकेयर व फार्मास्युटिकल क्षेत्र की कई मल्टीनेशनल कंपनियों का कार्यालय भी इस अस्पताल में होगा।
आईआईटी से शिक्षा को मिलेगी अलग पहचान
बुधवार को राजधानी में आईआईटी की भी नींव रखी जाएगी। ये करीब 50 एकड़ में स्थापित होगी। इसको केंद्र, राज्य सरकार व इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन मिलकर बनाएंगे।
2015-16 सत्र से इसमें प्रवेश शुरू हो जाएगा। आईआईटी कॉलेज में पहले साल 120, दूसरे साल 180 और तीसरे साल 300 सीटें हो जाएगी।
बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन कोर्स होंगे। यहां आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस व सेंसर्स में एमटेक और शोध भी होंगे।