वक्त की कमी के कारण हम लंच को समय नहीं देते,लेकिन यह जल्दबाजी ठीक नहीं है क्योंकि इससे डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के अलावा कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है।ऑफिस हो या घर,हम लंच के साथ ऐसी जल्दबाजी दिखाते हैं,जैसे लंच के साथ लड़ रहे हों।
लंच हमें हेल्दी रखता है,लेकिन लंच के साथ जुड़ी हमारी कुछ बुरी आदतें हमें हेल्दी रखने के बजाय बीमार कर देती हैं। इसलिए लंच की हेल्दी आदत डालिए और फिट और हेल्दी रहिए।
घर हो या ऑफिस जल्दी से जल्दी लंच निपटाने की हमारी यह आदत कई तरह की परेशानी दे सकती है। इससे पेट में दर्द,सूजन जबड़े का कमजोर होनी जैसी समस्या हो सकती है। साथ ही जल्दी-जल्दी लंच करने से पेट पर दबाव भी अधिक पड़ता है।
खाना खाते समय हमारे शरीर का 40 प्रतिशत ब्लड पाचनतंत्र से होकर गुजरता है और पोषक तत्वों को अवशोषित कर शरीर के अन्य भाग में पहुंचाता है।
लंच के समय बात करने से बचें
लंच के समय बोलने से यह प्रकिया प्रभावित होती है ओर लीवर पर भी असर पड़ता है। इसलिए खाते वक्त बात करने से बचें। खाना खाते समय हम भोजन के चबाने की जगह निगलने की जल्दबाजी में ज्यादा होते हैं।
यह अपच की समस्या को जन्म देता है। ज्यादा भोजन चबाने से जल्दी पाचन होता है और पाचनतंत्र भी सही रहता है। जल्दी-जल्दी भोजन खाने से पेट पर दबाव अधिक पड़ता है। लंच में ज्यादा मसालेदार या खट्टे फल या तला-भुना अधिक लेने से अल्सर जैसी समस्या हो सकती है।
लंच में फास्ट फूड खाना आपको आलसी बना सकता है। फास्ट फूड लेने से जहां लीवर संबंधी समस्या हो सकती है। वहीं यह पचने में टाइम लेता है। लंच के समय कोल्ड ड्रिंक या एनर्जी ड्रिंक लेना या कैफीन युक्त ड्रिंक लेना आपको तनावग्रस्त बनाता है।
लंच करते समय बोलते रहने से सांस की नली भी प्रभावित होती है और खाना उसके अंदर भी जा सकता है। जल्दबाजी में लंच करने,सही तरीके से भोजन न चबाने, लंच के समय एनर्जी ड्रिंक लेना, जल्दी खाना या फिर बोलते रहने से अल्सर, अपच और पाचनतंत्र से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। जबकि लंच में जंक-फूड लेने से मोटापे की समस्या या फिर ब्लडप्रेशर के बढ़ने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।