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लखनऊ में बाघ का आतंक: जहां फंसाने के लिए खोदा गड्ढा, बाघ ने वहीं किया 15वां शिकार, धरी रह गईं सारी तरकीबें

Wed, 22 Jan 2025 07:08 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ के रहमानखेड़ा में बाघ आतंक बना हुआ है। उसे पकड़ने की सारी कोशिशें नाकाम हो रही हैं। अफसरों ने जंगल में पहुंचकर जांच की तो पगचिह्न मिले हैं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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रहमानखेड़ा केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में बाघ ने एक और पड़वे (भैंस के बच्चे) का शिकार किया है। यह बाघ का 15वां शिकार है। बाघ ने वन विभाग को एक बार फिर चकमा देते हुए जंगल में उसी जगह शिकार किया जहां उसको फंसाने के लिए गड्ढा खोदा गया है। जंगल के जोन एक के बेल वाले ब्लॉक में वन विभाग ने 15 फीट गहरा गड्ढा खोद झाड़ियों से ढक दिया है ताकि बाघ शिकार करने का प्रयास करें तो गहरे गड्ढे में गिर जाए। फिर उसे ट्रैंकुलाइज किया जा सके। यहीं एक पिंजरा भी लगाया गया है जिसमें पड़वे को बांधा गया था। हालांकि वन विभाग की सारी तरकीबें धरी रह गई हैं। मंगलवार भोर में बाघ ने पड़वा को अपना निवाला बनाया। न वो पिंजरे में फंसा न गड्ढे में गिरा। सुबह जानकारी पर जांच करने पहुंची टीम को पड़वे का क्षतविक्षत शव मिला। मौके से बाघ के पगचिह्न भी मिले।

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बाघ पड़वे के कुछ हिस्से का मांस खा कर भाग गया। वन विभाग की टीम अब इसी स्थान पर बाघ के दोबारा पहुंचने का इंतजार कर रही है है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ 24 घंटे के अंदर अपने शिकार का बचा हुआ मांस खाने के लिए दोबारा आ सकता है। वन विभाग की टीम ने बाघ की तलाश में मीठेनगर, उलरापुर और दुगौली के आसपास मौजूद जंगल में डायना और सुलोचना हथिनियों से कॉम्बिंग की लेकिन उसका पता नहीं लगा। शिकार की जानकारी पर अपर मुख्य वन संरक्षक रेणू सिंह ने टीम लीडर आकाशदीप बधावन व डीएफओ सितांशु पांडेय के साथ शिकार स्थल का जायजा लिया। यहां सक्रिय टीम को मृत पड़वे के पास निगरानी करने का निर्देश दिए।

तीन दर्जन से अधिक वाहनों की आवाजाही नो- गो- जोन में कर रही शोर गुल
वन विभाग ने रहमान खेड़ा में नो-गो जोन घोषित किया है। इसके बावजूद वन विभाग के ही 30 से ज्यादा वाहनों की हलचल यहां हर दिन रहती है। मंगलवार को दोपहर में अधिकारियों समेत वन विभाग टीम के करीब दो दर्जन चार पहिया वाहन कमांड ऑफिस के आस-पास खड़े थे। संस्थान के कर्मियों के वाहन व बसों की आवाजाही भी यहां रहती है। मचान व पिंजरों के पास भी वाहनों के साथ अधिकारी आ जा रहे हैं। इसी के चलते बाघ पकड़ में नहीं आ पा रहा है।
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लाइव कैमरों की लोकेशन में बदलाव
संस्थान में बाघ की निगरानी के लिए लगाए गए एक लाइव सीसीटीवी कैमरे व एक ट्रैप कैमरे की लोकेशन मंगलवार को बदली गई है। बाघ के स्थान परिवर्तन करने के चलते इन कैमरों की दिशा बदली गई है। इसे बाघ पर नजर रखने की रणनीति मानी जा रही है। कमांड सेंटर के कर्मचारी इन कैमरों के जरिए बाघ की निगरानी करते हैं।

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