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24 दिन से लुकाछिपी खेल रहा था बाघ 'कैद'

Sun, 16 Nov 2014 12:19 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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21 अक्तूबर से जिस बाघ ने यूपी की राजधानी लखनऊ समेत तीन जिलों में दहशत फैला रखी थी, उसे आखिरकार कैमरे में कैद कर लिया गया है।
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महीनेभर से जगह-जगह कॉम्बिंग कर रही वन विभाग की टीम के लिए यह बड़ी सफलता है और माना जा रहा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की एक टीम ने शनिवार शाम इस बाघ को उन्नाव जिले के सिलौली गांव में घूमते देखा और उसकी तस्वीर खींच ली। सभी टीमों को इसकी खबर तुरंत दे दी गई और विभाग की टीमें जल्द से जल्द बाघ को काबू करने की कोशिश में जुट गई हैं।

गौरतलब है कि बाघ्ा ने लखनऊ के माल इलाके में एक मवेशी को अपना पहला शिकार बनाकर दहशत फैला दी थी। उसके बाद से ही उसके पग मार्क्स जगह-जगह देखे जा रहे थे, लेकिन यह पहली बार हुआ है जब विभाग की टीम ने बाघ को चलते-फिरते खुद देखा है।
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चार दिन से इस गांव में था बाघ

उन्नाव जिले की सदर तहसील के गढ़ी सिलौली गांव में बाघ के होने की संभावना पहले ही जता दी गई थी। गांव में पंजे के निशान पाए जाने पर वाइल्ड लाइफ और वन विभाग की टीम ने बुधवार को ही डेरा डाल दिया था। टीम ने गांव में पिंजरा भी लगा दिया था।

बाघ को देखने के बाद ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि गढ़ी सिलौली गांव में मंगलवार शाम अचानक शिकारी जानवर आने की सूचना से हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों ने जंगली जानवर को नीलगाय का शिकार करते हुए देखा था और उसकी दहाड़ भी सुनी थी।

सूचना पर डीएफओ राजीव मिश्रा ने रेंजर राजेश अवस्थी के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर भेजा और बुधवार को टीम ने ग्रामीणों के बताए गए स्थान से करीब छह किलोमीटर के दायरे में कांबिंग की, मगर टीम को कोई बाघ या उसके जैसा कोई जानवर नहीं मिला।

जिस स्थान पर जानवर ने नीलगाय का शिकार किया था वहां मिले पंजों के निशान को वन विभाग ने पहचान के लिए लखनऊ भेजा था।
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बाघ ने रोकी थी तीन फिल्मों की शूटिंग

बीकेटी व इटौंजा में पिछले कुछ समय से गूंज रही ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ की आवाजें कुछ दिनों के लिए खामोश हो गई थीं। बाघ की दहशत इतनी थी कि तीन फिल्मों की शूटिंग रोक दी गई।

कुछ का तो शेड्यूल ही मुंबई के लिए तय कर दिया गया। बीकेटी के चंद्रिकादेवी मंदिर के आस-पास हो रही फिल्म सन् 1975 की शूटिंग बाघ की दहशत के चलते सप्ताह भर के बाद ही बंद कर दी गई।

फिल्म के नायक प्रवेश राणा व नायिका कार्तिका ने बताया कि पहले बीकेटी व इटौंजा में गोमती नदी के किनारे स्थित विभिन्न स्थानों पर इस फिल्म की एक माह तक शूटिंग का कार्यक्रम था। अब ये मुंबई में पूरा होगा।

इसी तरह यहां नदी के किनारे चल रही फिल्म ‘दम हो तो आ बिहार’ की शूटिंग भी रुक गई। फिल्म के निर्माता सुशील कुमार यादव ने बीकेटी व इटौंजा में ही इस फिल्म को पूरा करने की बात कही।

हालांकि बाघ की दहशत के चलते इस फिल्म की शूटिंग को दो दिन पहले ही बंद कर दिया गया। फिल्म यूनिट मुंबई रवाना हो गई। प्रोडक्शन से जुड़े लोगों ने इसके पीछे बाघ की दहशत को कारण ठहराया।

बीकेटी में ही फिल्म ‘बैरी कंगना पार्ट टू’ की शूटिंग इसी माह से शुरू होने वाली थी, लेकिन बाघ की दहशत के चलते इस फिल्म की भी शूटिग डेट बढ़ाकर अब जनवरी में कर दी गई।
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