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बाघ की दहशत से रुकी 3 फिल्मों की शूटिंग

Sat, 08 Nov 2014 03:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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बीकेटी व इटौंजा में पिछले कुछ समय से गूंज रही ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ की आवाजें फिलहाल नहीं सुनाई देंगी। बाघ की दहशत के चलते तीन फिल्मों की शूटिंग रोक दी गई है।
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कुछ का तो शेड्यूल अब मुंबई के लिए तय किया जा चुका है। बीकेटी के चंद्रिकादेवी मंदिर के आस-पास हो रही फिल्म सन् 1975 की शूटिंग बाघ की दहशत के चलते सप्ताह भर के बाद ही बंद कर दी गई।

फिल्म के नायक प्रवेश राणा व नायिका कार्तिका ने बताया कि पहले बीकेटी व इटौंजा में गोमती नदी के किनारे स्थित विभिन्न स्थानों पर इस फिल्म की एक माह तक शूटिंग का कार्यक्रम था।
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अब ये मुंबई में पूरा होगा। फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो बीकेटी व इटौंजा में बाघ की दहशत के चलते यहां पर समय से पहले फिल्म की शूटिंग बंद की गई है।

इसी तरह यहां नदी के किनारे चल रही फिल्म ‘दम हो तो आ बिहार’ की शूटिंग भी रुकी है। फिल्म के निर्माता सुशील कुमार यादव ने बीकेटी व इटौंजा में ही इस फिल्म को पूरा करने की बात कही है।

हालांकि बाघ की दहशत के चलते इस फिल्म की शूटिंग को दो दिन पहले ही बंद कर दिया गया है। फिल्म यूनिट मुंबई रवाना हो चुकी। प्रोडक्शन से जुड़े लोग इसके पीछे बाघ की दहशत को कारण ठहरा रहे हैं।

बीकेटी में ही फिल्म ‘बैरी कंगना पार्ट टू’ की शूटिंग इसी माह से शुरू होने वाली थी, लेकिन बाघ की दहशत के चलते इस फिल्म की शूटिग डेट बढ़ाकर अब जनवरी में कर दी गई हैं।
 
यही स्थिति बीकेटी व इटौंजा में जल्द ही शुरु होने वाली एक अन्य फिल्म को लेकर भी हैं। इसमें से कुश्ती को लेकर जल्द ही शुरु होने वाली एक फिल्म भी शामिल हैं।
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बीकेटी के रैथा रोड पर दिखा बाघ

बाघ की दहशत के बीच बीकेटी के रैथा रोड पर शुक्रवार दोपहर बाघ देखे जाने का मामला आया है।

दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने साथियों के साथ गुजर रहे इंदिरानगर निवासी टेंट कारोबारी संतोष चौबे ने रैथा नटखेड़ा मार्ग पर बाघ को रोड किनारे चहलकदमी करते देखा।

बाइक से करीब 30 फीट की दूरी पर टहल रहे बाघ को देखते ही दोनों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई।

संतोष ने बताया कि बाघ जैसा वन्यजीव देखते वे और उनके दोस्त संतोष बिष्ट इस कदर दहशत में आ गये कि उसका हुलिया तक बयान नहीं कर सके। घबराये संतोष ने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी।

उधर, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिन भर उन्हें कहीं से बाघ देखे जाने की कोई सूचना नहीं मिली। रेंजर केके उपाध्याय ने बताया कि कांबिंग टीम ने शुक्रवार को सुबह के समय नाले और नदी के किनारे छानबीन की लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा।
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