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कोरोना की फर्जी रिपोर्ट लेकर जेल में बंद पीएफआई सदस्यों से मिलने पहुंचीं महिलाएं, गिरफ्तार

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लखनऊ। जेल में बंद पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों से रविवार को मिलने पहुंचीं तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद सोमवार देरशाम को इन्हें जेल भेज दिया गया। तीनोें के पास हरियाणा के गुरुग्राम की एक लैब से जारी कोविड की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिली थी। मामले में पुलिस ने जेलर अजय राय की तहरीर पर गोसाईंगंज थाने में जालसाजी व कूटरचना का मुकदमा दर्ज किया था।
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प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज अमरनाथ वर्मा के मुताबिक महिलाओं में एक पीएफआई सदस्य असंद बकरुद्दीन की पत्नी नजीमा और परिवार की अन्य महिला मुहानिसा, जबकि फरोज खान से मिलने आई फुनहलीमा थी। कुल चार महिलाएं गोसाईंगंज स्थित जेल में मुलाकात को पहुंची थीं। सभी के पास कोविड की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट थी। इसमें तीन की जांच रिपोर्ट फर्जी होने की जानकारी होने पर जेलर अजय राय ने तीनों को गोसाईंगंज पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जेलर की तहरीर पर मुकदमा करने के बाद तीनों महिलाओं को जेल भेज दिया।
फरवरी में विस्फोटक के साथ दबोचे गए थे
एसटीएफ ने फरवरी में पीएफआई सदस्य असंद बदरुद्दीन व फिरोज खान को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों को लखनऊ की जेल में रखा गया है। रविवार को इनसे मिलने पहुंची चार महिलाओं से जेल प्रशासन ने जरूरी दस्तावेज मांगे। दस्तावेज में गुरुग्राम की एक लैब की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लगी थी। जेलर ने उस पर दर्ज मोबाइल नंबर पर कॉल कर जानकारी मांगी तो सिर्फ एक रिपोर्ट जारी करने की पुष्टि हुई। बाकी तीन रिपोर्ट फर्जी निकली। इस पर जेलर ने तीनों महिलाओं को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेजा।
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