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यूपीः नाबालिग ने गांजा लाने से किया इंकार, तीन लोगों ने पहले पीटा फिर पिलाया तेजाब

Fri, 28 Jun 2019 11:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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घटना की जानकारी देता पुलिस अफसर - फोटो : ANI
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उत्तर प्रदेश की राजधानी में गांजा लाने से इनकार करने पर 12 साल के एक बच्चे को तेजाब पिलाने का मामला सामने आया है। मड़ियांव के फैजुल्लागंज में हुई इस शर्मनाक घटना में पीड़ित फैसल का मुंह-हाथ व कपड़े जल गए। उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता शकील अहमद की एफआईआर पर पुलिस ने इलाके के ही नूर को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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शकील ने बताया कि फैसल बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे ही खेलने निकल गया था। शाम करीब 4 बजे लौटा तो उसके हाथ में वीगो लगा था। होंठ काले पड़े थे। कपड़े भी जगह-जगह से जले हुए थे। कुछ बोल नहीं पा रहा था। उसे बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे ने तेजाब जैसा कोई ज्वलनशील पदार्थ पीया है। तब फैसल ने किसी तरह पूरी बात बताई। तेजाब पिलाने की खबर देर रात पुलिस तक पहुंची तो कार्रवाई शुरू हुई। मड़ियांव थाने के इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शकील की शिकायत पर तीनों आरोपियों पर मारपीट, जानमाल की धमकी देने और तेजाब पिलाने का केस दर्ज किया गया है।

दो ने हाथ पकडे़, नूर ने मुंह में उड़ेल दी तेजाब
फैसल के अनुसार गांजा लाने से मना करने पर नूर ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की, मारपीट शुरू कर दी। फिर दो लोगों ने उसके हाथ पकड़ लिए और नूर ने पास रखी तेजाब से भरी बोतल उसके मुंह में उड़ेल दी।

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तेजाब थूककर अस्पताल की ओर भागा फैसल

फैसल किसी तरह खुद को छुड़ाकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचा और अपना उपचार कराया। शाम करीब 4 बजे घर लौटा तो उसकी हालत देखकर परिजन उसे दोबारा बलरामपुर अस्पताल ले गए।

आंख या पेट में चला जाता तेजाब तो तबाह हो जाती जिंदगी
डॉक्टरों के अनुसार ज्वलनशील पदार्थ काफी तेज था। बच्चे की जान भी जा सकती थी। अगर बच्चा तुरंत अस्पताल नहीं पहुंचता तो बहुत नुकसान हो सकता था। मां चांदनी ने कहा- तेजाब बेटे की आंख या उसके पेट में चला जाता तो जिंदगी तबाह हो जाती।
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