ठाकुरगंज पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेशन के पैरा मेडिकल संस्थान संचालित कर फर्जी डिग्री बांटने के मामले में एमडी के अलावा दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ बुधवार को छात्रों ने ठाकुरगंज थाने में केस दर्ज कराया था।
आरोप था कि यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी के प्रमाण पत्र के नाम पर दाखिला लिया गया था। फिर झारखंड के विश्वविद्यालय की डिग्री देने लगे थे। पुलिस को अभी एक आरोपी की तलाश है।
प्रभारी निरीक्षक विजय यादव के मुताबिक, शुक्रवार को आम्रपाली योजना निवासी बरावन कला खुर्द में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. गुलशेर खान, मड़ियांव के प्रबंधनगर निवासी एमडी पूनम केसरी और अकाउंटेंट नीतू गौतम को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में गुलशेर ने कुबूला कि इंस्टीट्यूट का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। इसके बाद भी वह लोग नर्सिंग समेत विभिन्न कोर्स में छात्रों का दाखिला लेते थे। ज्यादातर कोर्स दो साल के थे।
पहले साल दाखिला लेने वाले छात्रों की परीक्षा नहीं कराई गई थी। दिखावे के लिए बाहर से शिक्षक बुला कर कोर्स कराया जाता था। परीक्षा नहीं होने से छात्र दबाव बनाने लगे थे।
आरोपियों ने झारखंड कोडरमा स्थित कैपिटल विश्वविद्यालय से डिग्री दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए छात्र तैयार नहीं हो रहे थे।
पंजीकरण के लिए महिला को दिए थे लाखों रुपये
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि फर्जी तरीके से संस्थानों का पंजीकरण कराने का भी खेल किया जाता है। इसका शिकार बरावन कला खुर्द में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल का निदेशक डॉ. गुलशेर खान भी हुआ। गुलशेर ने पुलिस को बताया कि संस्थान के रजिस्ट्रेशन के लिए उसने एक महिला से संपर्क किया था। इसके लिए उसे लाखों रुपये दिए, लेकिन रजिस्ट्रेशन कराए बिना ही महिला गायब हो गई। इस बीच वह छात्रों का दाखिला ले चुका था। ऐसे में शिक्षकों को बुला कर क्लास कराई जाने लगी। इंस्पेक्टर के मुताबिक, निदेशक रकम ऐंठ कर भागने वाली महिला का नाम नहीं बता सका हैं।
छात्रों से कहा परीक्षा दो हम देख लेंगे...
पुलिस के मुताबिक, छात्रों को जब हकीकत पता चली तो आरोपियों ने सभी के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र रख लिए थे। जिन्हें लौटाने को तैयार नहीं थे। साथ ही झारखंड जाकर परीक्षा देने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार पर कैरियर खराब करने की धमकी दी गई थी। इसके बाद ही बुधवार को छात्रों ने ठाकुरगंज थाने में केस दर्ज कराया था।