इस मामले में लखनऊ के सीजेएम ने पुलिस द्वारा लगाई गई अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर मामले को परिवाद में सुने जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद अमिताभ ठाकुर की तरफ से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया था कि प्रकरण की विवेचना में सारे साक्ष्य पहले ही सामने आ चुके हैं।
लिहाजा इस मामले को परिवाद के रूप में चलाए जाने के बजाए मुलायम सिंह को सीधा कोर्ट में तलब किया जाए। याचिका में कहा गया था कि परिवाद चलाने में अनावश्यक समय लगेगा और साथ ही सरकार पर अभियोजन का भार भी आएगा।