केस 1: केजीएमयू के एक चिकित्सक के पॉजिटिव आने के बाद दूसरे दिन उनका पूरा परिवार और उनके संपर्क में आए विभाग के सभी कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए। एक साथ 15 लोगों को भर्ती कराना पड़ा।
केस 2: बीएचयू में पॉजिटिव मिले रेजिडेंट डॉक्टर के संपर्क में आए 4 कर्मचारी भी दूसरे दिन संक्रमित मिले। डॉक्टर की हालत 24 घंटे के भीतर इतनी बिगड़ गई कि उन्हें एयरलिफ्ट कर लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
केस 3: लखनऊ के एक व्यापारी कोरोना संक्रमित हो गए। अगले दिन उनका पूरा परिवार व उनके प्रतिष्ठान के 10 कर्मचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। तमाम कोशिशों के बावजूद 24 घंटे के अंदर व्यापारी की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
मरीजों को देनी पड़ रही ज्यादा ऑक्सीजन
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों को पहले की अपेक्षा ज्यादा ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। अभी यहां आने वाले युवाओं को 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की तरह सपोर्ट देना पड़ रहा है।