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टेलीमेडिसिन: घर बैठे डॉक्टरों से फोन पर लें सलाह, अस्पताल जाने की जरूरत नहीं

Tue, 13 Apr 2021 06:11 PM IST
ishwar ashish अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने के चलते सामान्य मरीजों के इलाज में काफी दिक्कत आ रही है। ऐसे में सामान्य बीमार और पहले से जिनका इलाज चल रहा है उनके फॉलोअप की व्यवस्था के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा देने का फैसला स्वास्थ्य विभाग ने किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में कोविड और नॉन कोविड मरीजों को इलाज मुहैया कराने, अस्पतालों की ओपीडी से सामान्य मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए अब टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जाएगी। इसके माध्यम से मरीज घर बैठे फोन से सामान्य बीमारियों के संबंध में डॉक्टरों से सलाह ले सकेगा। इस व्यवस्था को इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर के सहयोग से चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए जरूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (एसओपी) जारी कर दिया है।

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प्रदेश में अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने के चलते सामान्य मरीजों के इलाज में काफी दिक्कत आ रही है। ऐसे में सामान्य बीमार और पहले से जिनका इलाज चल रहा है उनके फॉलोअप की व्यवस्था के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा देने का फैसला स्वास्थ्य विभाग ने किया है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों के विभिन्न विशेषज्ञों की जानकारी लेकर सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आईएमए व प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन को भी जोड़ा जाएगा।

इसके बाद इन नंबर का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी चिकित्सकों को उनकी बारी के अनुसार सूची में दिए गए मोबाइल नंबर को चालू रखना होगा। टेलीमेडिसिन सुविधा से मरीजों को कैसे मदद करनी है और डॉक्टरों को क्या प्रोटोकॉल मानना होगा इसकी जानकारी सीएमओ, निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक देंगे।

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नॉन कोविड के लिए एसओपी

रोगी से उसका नाम, उम्र, किसी दवा से प्रतिक्रिया, शराब, पान मसाला, सिगरेट आदि की जानकारी ली जाएगी। महिला रोगियों से उनकी गर्भावस्था की जानकारी लेनी होगी। यदि रोगी फॉलोअप में है तो उस पर दवा के प्रभाव व जांच रिपोर्ट की जानकारी ली जाएगी। रोगी से गंभीर रोगों की जानकारी लेनी होगी। इसके बाद उससे वर्तमान स्थिति के बारे में पूछा जाएगा।

यदि उसे जांच की जरूरत होगी तो बताया जाएगा और रिपोर्ट मिलने के बाद फिर से बात करने की सलाह देनी होगी। यदि कोई रोगी विवेकहीन व अस्पष्ट बात करेगा तो उसकी कॉल को टाल दिया जाएगा। रोगियों को सलाह में बताए जाने वाली दवा की तीन श्रेणी तय की गई हैं। साइकोट्रॉपिक्स और शेड्यूल एक्स दवाओं के बारे में सलाह नहीं दी जाएगी।
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कोविड मरीज के लिए एसओपी

होम आइसोलेशन के कोविड मरीजों को सलाह देने के लिए प्रत्येक जिले में छह डॉक्टरों की टीम बनाई जाएगी। इसमें एनेस्थेटिस्ट, फिजीशियन व चेस्ट फिजीशियन मुख्य होंगे। ये शिफ्टवार अपने मोबाइल नंबर पर उपलब्ध रहेंगे।

इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) पर कॉल आने के बाद उसे डॉक्टर को ट्रांसफर किया जाएगा। लक्षण के आधार पर मरीज को  दवाएं बताई जाएंगी। यदि स्थिति गंभीर है तो मरीज के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए कमांड सेंटर को बताना होगा।
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