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विशेषज्ञों की राय: पहले वाले से ज्यादा खतरनाक है कोविड-19 का नया स्ट्रेन, जल्द फैल रहा है परिवार व समूह में

Tue, 13 Apr 2021 06:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यह स्ट्रेन मरीजों के फेफड़े पर तेजी से लेयर बना रहा है। इससे फेफड़े के फूलने की दर कम हो रही है। महज 24 से 48 घंटे में कई मरीजों की हालत काफी खराब हो रही है।
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- फोटो : iStock
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विस्तार
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कोविड-19 का नया स्ट्रेन पहले वाले से ज्यादा खतरनाक है। यह कम समय में बहुत तेजी से फैलता है और मरीजों को पहले वाले वायरस की तुलना दो से तीन गुना अधिक गति प्रभावित करता है। यह स्ट्रेन मरीजों के फेफड़े पर तेजी से लेयर बना रहा है। इससे फेफड़े के फूलने की दर कम हो रही है। महज 24 से 48 घंटे में कई मरीजों की हालत काफी खराब हो रही है।

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केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमिता जैन कहती हैं कि नए स्ट्रेन के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। पर, यह बहुत खतरनाक है और इसकी संख्या दो से अधिक हो सकती है।

प्रदेश के कई जिलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के दौरान पता चला है कि वायरस इन दिनों एक व्यक्ति से पूरे परिवार या संपर्क में आने वाले लोगों में बहुत तेजी से पहुंच रहा है। लखनऊ में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के प्रभारी डॉ. एनके सिंह बताते हैं कि पिछली बार 10 लोगों के परिवार में दो-तीन ही पॉजिटिव मिल रहे थे। मगर इस बार एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर उसके संपर्क में आने वाले सभी लोग दूसरे दिन ही पॉजिटिव हो रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
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यही बातें केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु भी बताते हैं। उनका कहना है कि लखनऊ के कोविड अस्पताल में एक परिवार के 15 से 20 लोग भर्ती हो रहे हैं। कुछ संक्रमितों में ब्रिटेन व ब्राजील में मिले नए स्ट्रेन की तरह लक्षण मिले हैं।

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देखें ये तीनों मामले

केस 1: केजीएमयू के एक चिकित्सक के पॉजिटिव आने के बाद दूसरे दिन उनका पूरा परिवार और उनके संपर्क में आए विभाग के सभी कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए। एक साथ 15 लोगों को भर्ती कराना पड़ा।

केस 2: बीएचयू में पॉजिटिव मिले रेजिडेंट डॉक्टर के संपर्क में आए 4 कर्मचारी भी दूसरे दिन संक्रमित मिले। डॉक्टर की हालत 24 घंटे के भीतर इतनी बिगड़ गई कि उन्हें एयरलिफ्ट कर लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

केस 3: लखनऊ के एक व्यापारी कोरोना संक्रमित हो गए। अगले दिन उनका पूरा परिवार व उनके प्रतिष्ठान के 10 कर्मचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। तमाम कोशिशों के बावजूद 24 घंटे के अंदर व्यापारी की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

मरीजों को देनी पड़ रही ज्यादा ऑक्सीजन
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों को पहले की अपेक्षा ज्यादा ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। अभी यहां आने वाले युवाओं को 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की तरह सपोर्ट देना पड़ रहा है।
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