सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तो उन्होंने सपा का महापौर उम्मीदवार छीनकर अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवाया। दूसरा, शाहजहांपुर में भाजपा के नेताओं में उनके कद का कोई दूसरा नेता जल्द खड़ा न हो इसका इंतजाम कर दिया है।
सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी
अर्चना वर्मा को महापौर प्रत्याशी बनाने को लेकर भाजपा के किसी बड़े नेता या विधायक की नाराजगी सामने नहीं आई है। अलबत्ता कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध किया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पार्टी अपने किसी कार्यकर्ता को टिकट देती तो वह भी चुनाव जीत सकता था। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के पदाधिकारी आपसी बातचीत में तो इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा रहा है।