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जन्मभूमि से कर्मभूमि तक ‘अटल’ रहेगी स्मृति, इस तरह वाजपेयी की यादों को संजोएगा यूपी

Sat, 18 Aug 2018 08:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : amar ujala
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योगी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में उनकी जन्मभूमि बटेश्वर से लेकर कर्मभूमि लखनऊ, कानपुर, बलरामपुर व गोरखपुर तक उनकी स्मृतियों को स्थायी रूप से संजोने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर इस कार्ययोजना को जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।

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योगी का कहना है कि हमारा सौभाग्य है कि अटलजी की जन्मभूमि व कर्मभूमि यूपी है। हम उनकी स्मृतियों को सजीव बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।

इन पांच जगहों पर यादगार को बनाएंगे स्थायी
बटेश्वर : आगरा के निकट बटेश्वर में उनका जन्म हुआ।
कानपुर : उच्च शिक्षा यहीं से ग्रहण की। 
बलरामपुर : पहली बार सांसद चुने गए।

लखनऊ : 5 बार सांसद चुने गए। यहीं से लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने। लखनऊ लंबे समय तक उनकी पत्रकारिता, रचनाधर्मिता व राजनीतिक कर्मभूमि का साक्षी रहा।

गोरखपुर : गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन पीठाधीश्वर और पूर्व सांसद महंत अवैद्यनाथ से प्रगाढ़ रिश्ते थे। 2004 में पीएम के रूप में वे गोरक्षपीठ आए थे। पूर्वांचल में चुनावी अभियान का आगाज प्राय: गोरखपुर से करते थे।

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हर जिले में निकालेंगे अटल अस्थि कलश यात्रा

प्रदेश से अटल के जुड़ाव को देखते हुए हर जिले में ‘अटल अस्थि कलश यात्रा’ निकाली जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश सरकार के मंत्री इन यात्राओं में शामिल होंगे। हर जिले में सार्वजनिक आयोजन कर उनके विचारों व कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

नई योजनाएं शुरू होंगी, पुरानी का नामकरण होगा
राज्य सरकार कुछ पुरानी योजनाओं का नामकरण अटल के नाम पर कर सकती है। विकास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी कुछ नई योजनाएं उनके नाम पर शुरू की जा सकती है। लखनऊ में अटल स्मारक भी बनाया जा सकता है। विकास और विज्ञान पर अटल के फोकस को देखते हुए राज्य सरकार इससे जुड़ी कुछ योजनाएं उन्हें ही समर्पित कर सकती है। अगले बजट में प्रावधान भी किया जा सकता है।

गंगा-गोमती-घाघरा-सरयू समेत प्रमुख नदियों में प्रवाहित की जाएंगी अस्थियां
प्रदेश से लगाव को देखते हुए सरकार गंगा, गोमती, घाघरा व सरयू समेत सभी जिलों की प्रमुख नदियों में उनकी अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी। इसके लिए सरकार ने जिलेवार नदियों का निर्धारण भी कर दिया है।
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