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थाने के चक्कर काटने से बचा रहा 'यूपी कॉप', 5 महीने में लाखों लोगों ने ली मदद, ये है खासयित

Mon, 17 Jun 2019 12:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस महकमे का यूपी कॉप एप हर महीने करीब सवा लाख लोगों को थाने के चक्कर काटने से बचा रहा है। पिछले 5 महीने में 6.25 लाख लोगों ने इस एप की मदद ली। इनमें 2.88 लाख मामले सामान खोने के दर्ज किए गए वहीं, 3.49 लाख लोगों ने एप से एफआईआर की कॉपी डाउनलोड की है।  

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तकनीकी सेवा के एडीजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि एप पर वे मामले दर्ज होते हैं जिनमें शिकायतकर्ता बताता है कि थाने पर गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। उदाहरण के तौर पर बीती 17 मई को जानकीपुरम की दीपिका की स्कूटी परिवर्तन चौक के पास खराब हो गई थी।

उन्होंने स्कूटी ई-रिक्शा पर लदवाकर उसे निर्धारित पते पर पहुंचाने को कहा, पर चालक रास्ते से ही गायब हो गया। दीपिका थाने गईं, पर मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने एप की मदद ली। उनकी रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज हुई और स्कूटी बरामद कर सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की व्यवस्था की हाईकोर्ट के जस्टिस अताऊरहमान मसूदी भी सराहना कर चुके हैं।

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प्रचार-प्रसार की जरूरत

प्रतीकात्मक तस्वीर
आशुतोष पांडेय ने बताया कि इस एप से जुलूस, धरना-प्रदर्शन, कार्यक्रम की अनुमति, पोस्टमार्ट रिपोर्ट और फिल्म शूटिंग की अनुमति दी जाती है। पुलिस द्वारा सत्यापन के लिए भी इस एप पर आवेदन किया जा सकता है।अनुमति मिलने का समय भी निश्चित है।

पिछले पांच महीने में 1067 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक 437 चोरी की और दूसरे नंबर पर 362 मामले साइबर क्राइम के हैं। लूट के भी 69 मामले दर्ज किए गए हैं।

जानकारों का कहना है कि पुलिस महकमा इसका जानबूझकर प्रचार-प्रसार नहीं कर रहा है, क्योंकि इस व्यवस्था के बेहतर होने से थानों में रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर होने वाली अवैध कमाई पूरी तरह से बंद हो जाएगी और दूसरा मुकदमा दर्ज होने से संबंधित थाने के अपराध का आंकड़ा बढ़ जाएगा।
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दिल्ली में होगा एप का कंप्टीशन

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आशुतोष पांडेय ने बताया कि 20 जून को देश भर की जन उपयोगी एप का कंपटीशन दिल्ली में होगा। इसमें विजेता रहने वाले जनपयोगी एप को 16 से 20 जुलाई के बीच लखनऊ में ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा।

खासियत
नामजद न होने वाले चोरी व लूट के मामले एप पर दर्ज करा सकते हैं। साइबर फ्रॉड के मामलों में तीन दिन में एफआईआर दर्ज होने पर बैंक को खाताधारक को रकम वापस करनी होती है। लगभग 62 मामलों में पुलिस रकम वापस कराई है। यह रकम 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की है।
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