पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को इस बार काफी कम समय में पूरा कराया जा रहा है। ऐसे में गुरुओं के लिए भी संकट की स्थिति है। नाम न छापने की शर्त पर ऐसे ही कुछ पंडितों ने बताया कि कुंडली में राजसत्ता संचालन के योग होने के बावजूद सिर्फ दो दिन में जातक के नामांकन दाखिल करने को कोई बहुत अच्छा मुहूर्त नहीं मिल रहा है। ऐसे में जो सबसे बेहतर समय था वही जातक को बताया गया।
मतदान के दौरान ही नवरात्रि पर्व पड़ने के कारण इस बार चुनाव में विजय पाने के लिए तमाम प्रत्याशियों व समर्थकों ने तो अपने कुल गुरुओं की शरण में पहुँच अभी से पूजा अनुष्ठान कराना भी शुरू कर दिया है। इसके चलते ही अयोध्या सहित तांत्रिकों पीठों और धर्मस्थलों पर इन दिनों काफी भीड़ बढ़ गई है। इनमें से कुछ के पहले से तो कुछ के जल्द ही अनुष्ठान शुरू कराए जाने हैं।