जितिन को शामिल कराकर भाजपा की ओर से खेला गया ब्राह्मण कार्ड विपक्षी दलों की धड़कनें बढ़ाने का काम कर गया है। अब उनके सामने भी ब्राह्मणों को एकजुट करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। फिलहाल सपा और बसपा में भी कद्दावर ब्राह्मण नेता का अभाव है। ऐसे में सत्ताई दल के दांव से विपक्षी कैसे निपटेंगे, इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस की मुश्किलें तो और ज्यादा ही बढ़ने की संभावना बन गई है। इसकी वजह पार्टी का संगठन है। संगठन में अधिकांश बड़े पदाधिकारी जितिन के काफी नजदीक हैं। जितिन के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के संगठन को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
सेवता में सर्वाधिक ब्राह्मण वोटर
सेवता विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक ब्राह्मण वोटर हैं। यहां 28.80 प्रतिशत ब्राह्मण मतदाता हैं। 21.07 प्रतिशत मतदाताओं के साथ महोली दूसरे स्थान पर हैं। सदर विधानसभा में 19.24 प्रतिशत ब्राह्मण वोटर हैं। हरगांव में 14.80 और सिधौली में 9.61 प्रतिशत ब्राह्मण वोटर हैं।