राज्य सरकार 2016-17 से प्रदेश में गांवों को कम से कम 16 घंटे तथा शहरों को 22 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए खजाना खोलेगी। सरकार के वादे को अमलीजामा पहनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोगों तक बिजली पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क तैयार कराने की है।
वित्तीय संसाधनों की कमी से इसमें मुश्किलें आ रही हैं। ऊर्जा विभाग ने सरकार से अगले साल के बजट में इसके लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करने का अनुरोध किया है। विभाग ने लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकार की ओर से बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया जाएगा।
पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक 2015-16 में ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क तैयार कराने के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की योजना तैयार है। 2016-17 तक 33 केवी क्षमता के 843 नए उपकेंद्रों व लाइनों का निर्माण कराने के साथ 1233 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि होनी है।