बलरामपुर के हरैय्या सतघरवा थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में शनिवार की सुबह तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। इससे पहले भी दो तेंदुए बरहवा रजें के बेलवा व लालनगर सिपहिया गांव में कैद हो चुके हैं। पिछले 10 दिनों में वन विभाग द्वारा यह तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया है। पकड़े गए तेंदुए को जनकपुर रेंज में ले जाया गया है।
बताते चलें कि बीते तेंदुए ने 11 दिसंबर को धर्मपुर गांव में दस वर्षीय समीर अंसारी को अपना निवाला बनाया था। बच्चे की मौत के सदमे में दूसरे दिन उसके बाबा मोहर्रम अली की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। तेंदुए द्वारा बच्चे को निवाला बनाये जाने से गांव में दहशत का माहौल था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा गांव में जाल बिछाने के साथ ही पिंजरा भी लगाया था।
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शनिवार की सुबह गांव में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। गांव में तेंदुआ का आतंक कम हो गया है। इससे पूर्व चार जनवरी को बेलवा गांव में तथा सात जनवरी को लालनगर सिपहिया गांव में भी तेंदुआ पकड़ा जा चुका है।
छह बच्चे बन चुके हैं तेंदुए का शिकार
बरहवा रेंज के लालनगर सिपहिया गांव में चार नवंबर को वंदिनी व 11 नवंबर को अरुण वर्मा तेंदुए का निवाला बने थे। 16 नवंबर को बेलवा गांव में विकास, 24 नवंबर को बनकटवा गांव में रितेश, तीन दिसंबर को भगवानपुर गांव में अनुष्का व 11 दिसंबर को धर्मपुर गांव में समीर अंसारी की जान तेंदुआ ले चुका है।
सात वर्ष का है पकड़ा गया नर तेंदुआ
बलरामपुर के डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन का कहना है कि धर्मपुर गांव में शनिवार की सुबह पिंजरे में कैद हुआ नर तेंदुआ सात वर्ष का है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में इसी तेंदुए की तस्वीर कैप्चर हुई थी। काफी दिनों से वन विभाग की टीम इस तेंदुए की तलाश कर रही थी। इस तेंदुए को जनकपुर रेंज में ले जाया गया है। शासन से अनुमति मिलने पर इस तेंदुए को बाहर भेजा जाएगा।