सपा सदस्यों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां पर लगाए गए मुकदमों को फर्जी बताते हुए मंगलवार को शुरुआती एक घंटे विधान परिषद की कार्यवाही नहीं चलने दी। वे वेल में आकर विरोध जताने लगे। नतीजतन, सभापति को 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
मंगलवार को जैसे ही विधान परिषद की कार्यवाही प्रारंभ हुई, सपा सदस्य नरेश उत्तम ने आजम खां, उनके परिवार और अन्य विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे लिखे जाने का आरोप लगाते हुए चर्चा की मांग की। कहा कि इस पर तत्काल चर्चा करवाए जाने की जरूरत है। सभापति मानवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रश्न प्रहर केबाद इस पर चर्चा कर लें लेकिन सपा सदस्य इस पर नहीं माने। वे वेल में आकर अपना विरोध जताने लगे। सभापति ने पहले 11:30 बजे तक और फिर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी।
इस दौरान सपा सदस्य वेल में ही धरना देकर बैठे रहे। सदन की कार्यवाही जब पुन: शुरू हुई तो सपा सदस्यों ने आजम खां समेत विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमों का मुद्दा रखा। नरेश उत्तम ने कहा कि सरकार का रवैया लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नियमों के तहत अवैध निर्माण या अन्य किसी कार्य की जांच की जाती है। अगर सपा सदस्य जांच के नतीजों से असहमत हैं तो उचित प्लेटफार्म पर उसके खिलाफ जा सकते हैं। ऐसा नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति किसी दल का नेता है तो एजेंसियां जांच न करें। सभापति ने नेतासदन को मामला दिखवा लेने को कहा।