एसटीएफ में डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ल के मुताबिक कुछ समय से सरकारी जमीनों को फर्जी तरीके से बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। मामले के राजफाश के लिए टीम का गठन किया गया। छानबीन में सामने आया कि खुद को केंद्रीय सचिवालय का सचिव बताने वाला आरोपी धोखाधड़ी कर दूसरों की जमीन को बेचने के नाम पर लोगों से पैसे लेता है। इसके बाद भूमिगत हो जाता है। आरोपी पूर्व में भी जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में विभूतिखंड और सरोजनीनगर थाने से जेल जा चुका है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और गोमतीनगर विस्तार से फर्जीवाड़े के आरोप में मूलरूप से कौशांबी के कुमिहावां, निखोदा निवासी अमित कुमार और सेक्टर सी जानकीपुरम निवासी मुबीन अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अमित कुमार ने बताया कि वह गिरोह का सगरना है। अमित एलडीए और आवास विकास की जमीन बेचने के आरोप में जेल जा चुका है। आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर है।
आरोपी को वृंदावन योजना में हरदोई निवासी राजीव कुमार व प्रदीप कुमार का 24000 वर्ग फीट का प्लॉट खाली होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसने आवास विकास कार्यालय से बैनामा की कॉपी निकलवा ली। यही नहीं, राजीव कुमार के नाम और पते का फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया और दोनों के प्लॉट को बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश करने लगा।
धौंस जमाने के लिए वॉकी टॉकी पर करता था बात
अमित ने बताया कि अपना प्रभाव दिखाने के लिए ट्रैवल एजेंसी से इनोवा जैसी महंगी गाड़ी किराये पर लेता था। इसमें हूटर लगा होता था। वह धौंस जमाने के लिए वॉकी टॉकी पर बात करता था। आरोपी के परिचित अजय तिवारी ने उसे बताया था कि रायबरेली निवासी शिवशंकर सिंह को बड़े प्लॉट की तलाश है। पेपर आदि दिखाने के बाद राजीव के हिस्से की 8000 वर्ग फीट जमीन का सौदा 51 लाख रुपये में हुआ। इसका एग्रीमेंट तैयार कर 19 लाख रुपये का चेक भी शिवशंकर सिंह से ले लिया गया। एग्रीमेंट के आधार पर आरोपी को बैनामा वाले दिन 51 लाख रुपये मिलने थे।
लग्जरी गाड़ियां लेकर आता था चालक
आरोपी के साथ पकड़ा गया मुबीन गाड़ी चलाता था। वह अमित के लिए लग्जरी गाड़ियां लेकर आता था। मुबीन ने पूछताछ में बताया कि वह अमित को काफी दिनों से जानता है। अमित फर्जीवाड़े में उसे साथ रखता था और ठगी की रकम में हिस्सा देता था। आरोपियों के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में केस दर्ज कराया गया है।