पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह का सरगना गन्नी है, जो विशाल और प्रिंस के नाम से भी जाना जात्ता है। गन्नी दुबई से गिरोह का संचालन करता है। पकड़े गए आरोपियों ने पहले श्रीलंका और सिंगापुर समेत अन्य देशों में कॉल सेंटर खोला था। वहीं से सभी साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टा संचालित करते थे। रेड्डी अन्ना एप के जरिये ठग लोगों से रकम निवेश कराने के बाद रकम को अलग अलग फर्जी खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
गेमिंग एप के जरिये देते झांसा, फिर लगाते थे चूना
साइबर सेल की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रेड्डी अन्ना के नाम से एक गेमिंग एप भी बना रखा है। सबसे पहले वे गेमिंग के जरिए लोगों से मेलजोल बढ़ाते थे। लोगों को टास्क देते थे। टास्क पूरा करने पर लोगों के खाते में कुछ रकम भेज देते थे। खाते में रकम आने पर लोगों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद उन्हें निवेश के लिए तैयार किया जाता था। शुरुआती निवेश में उन्हें फायदा भी दिया जाता था ताकि लोग बढ़ी रकम निवेश करें। जब निवेश की रकम अच्छी खासी हो जाती थी, तब गिरोह के लोग संपर्क खत्म कर देते थे।