लखनऊ विश्वविद्यालय अगले एक साल तक किसी प्रकार का नया निर्माण शुरू नहीं करेगा। इसके बजाय विवि पुराने भवनों की मरम्मत तथा रखरखाव पर ध्यान देगा। विवि की वित्त समिति में शुक्रवार को इस पर सहमति बनी। वित्त समिति में इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी सहमति बनी। विवि के बैंक खाते से 1.39 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में बनी जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट भी वित्त समिति के सामने रखी गई।
रिपोर्ट में लेखा विभाग के कामकाज पर टिप्पणी मांगी गई थी। विवि के कार्यवाहक कुलपति शैलेश शुक्ला की अध्यक्षता में हुई वित्त समिति में कहा गया कि कोई नया निर्माण करने के बजाय छात्रावासों, कक्षाओं, शैक्षणिक भवनों की मरम्मत के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। समिति में एक अन्य फैसले के अनुसार कोई भी नया बैंक खाता वित्त समिति या फिर कार्य-परिषद की अनुमति के बगैर न खोलने पर सहमति बनी।
विशेष परिस्थितियों में अगर ऐसा होता है तो फिर एक सप्ताह के भीतर वित्त समिति की बैठक बुलाकर इसकी सूचना दी जाएगी। विवि के शताब्दी वर्ष समारोह के आयोजन के लिए 31 मार्च, 2020 तक होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही 20 दिसंबर तक शताब्दी समारोह के आयोजन की कार्य योजना और उस पर होने वाले अनुमानित व्यय का खाका तैयार करने का निर्देश भी समिति की ओर से दिया गया है।
विधि पुस्तकालय में लिया जाएगा 100 रुपये सदस्यता शुल्क
लखनऊ विश्वविद्यालय के नवीन परिसर स्थित डॉ.आरयू सिंह विधि पुस्तकालय सुबह आठ बजे से खोलने का फैसला किया गया है। इसकी व्यवस्था के लिए प्रति छात्र-छात्रा 100 रुपये सदस्यता शुल्क लेने का फैसला भी वित्त समिति से पास किया गया।