लखनऊ। प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं को दुरुस्त करने के लिए तीन दिन मंथन होगा। 11 अप्रैल को केजीएमयू और लोहिया संस्थान में इमरजेंसी ट्राॅमा केयर में कार्यशाला होगी। 12 और 13 अप्रैल को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न स्थानों से आए करीब 500 चिकित्सा विशेषज्ञ ट्राॅमा से संबंधित अनुभव साझा करेंगे। वे भविष्य में ट्राॅमा केयर के लिए जरूरी संसाधनों के विकास और सावधानियों से वाकिफ कराएंगे।
लखनऊ में होने वाले तीन दिवसीय काॅन्क्लेव ऑफ मेडिकल इमरजेंसी एंड ट्रामा (सीओएमईटी-25) के तहत में मुख्य विषय गोल्डन आवर रखा गया है, जो चिकित्सा आपातकालीन स्थितियों में वह महत्वपूर्ण समय है, जब त्वरित इलाज से जीवन बचाया जा सकता है। जैसे कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति, दिल का दौरा या स्ट्रोक के मरीजों को यदि समय रहते इलाज मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले डॉक्टरों को गोल्डन आवर में कार्य करने की त्वरित तरकीब बताई जाएगी। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन में में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने पर विचार किया जाएगा। विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।