लखनऊ। ऑटो संख्या यूपी 32 एफएन 5002 चारबाग स्टेशन पर संचालन के लिए पंजीकृत नहीं है। सोमवार दोपहर करीब दो बजे स्टेशन से बाहर निकले यात्री रामानंद ऑटो चालक से गोमतीनगर स्टेशन चलने को कहा। दोनों के बीच किराये को लेकर काफी देर तक बहस चलती रही। रामानंद तय रेट डेढ़ सौ रुपये देने की बात कह रहे थे, जबकि चालक 320 रुपये मांग रहा था।
यात्रियों व ऑटो चालकों की ऐसी कहासुनी चारबाग स्टेशन पर आम बात है। यहां गैर पंजीकृत ऑटो दौड़ रहे हैं। ई रिक्शे खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। इतना ही नहीं, ऑटो व ई रिक्शों की संख्या इतनी हो गई है, जिससे भयंकर जाम लग रहा है और वाहन रेंग-रेंगकर चलने को मजबूर हो जाते हैं।
छह लाख राजस्व का नुकसान
चारबाग रेलवे स्टेशन पर ऑटो स्टैंड के होने से रेलवे को राजस्व मिल रहा था। पिछले चार महीने से स्टैंड का नवीनीकरण नहीं हुआ है। स्टैंड के होने से सिर्फ तीन हजार पंजीकृत ऑटो चल रहे थे और जाम भी नहीं लग रहा था। अभी आठ से 10 हजार वाहन प्रतिदिन चारबाग आते-जाते हैं। नवीनीकरण नहीं होने से चार महीने में उत्तर रेलवे प्रशासन को छह लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। स्टैंड संचालन को लेकर डीआरएम कार्यालय को कई बार पत्र भी लिखे जा चुके हैं।
Iट्रैफिक जाम कम करने के लिए सिपाहियों को लगाया गया है। वाहनों की संख्या अधिक होने से कुछ अव्यवस्थाएं हो रही हैं, जिन्हें दूर कराया जा रहा है। ऑटो चालकों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। I
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-धर्मवीर सिंह, जीआरपी प्रभारी, चारबागI