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400 करोड़ के कारोबार में 60 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले दो व्यापारी गिरफ्तार

Fri, 06 Jul 2018 12:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जीएसटी अभिसूचना महानिदेशालय की लखनऊ यूनिट (डीजीजीआई) की टीम ने कानपुर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी का बड़ा खुलासा किया है। टीम ने फर्जी बिल बाउचर बनाकर जीएसटी चोरी करने वाले शहर के दो बड़े व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें कई कंपनियों के मालिक मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तायल शामिल हैं। दोनों पर करीब 60 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आरोप है। जीएसटी लागू होने के एक साल बाद पकड़ी गई यह सबसे बड़ी टैक्स चोरी बताई जा रही है।

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जीएसटी अभिसूचना महानिदेशालय की लखनऊ यूनिट के मुताबिक दोनों व्यापारी फर्जी बिल-बाउचर के जरिए पिछले एक साल में करीब 400 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुके हैं। जीएसटी अभिसूचना लखनऊ जोन के अपर महानिदेशक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि मुखबिरों से उन्हें सूचना मिली थी जैन व तायल द्वारा जीएसटी चोरी की जा रही है।

इसके आधार पर उन्होंने उप निदेशक कमलेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर कानपुर भेजा था। टीम ने दोनों व्यापारियों के कानपुर स्थित कई फर्मों पर एक छापेमारी की तो वहां से बड़ी संख्या में फर्जी बिल मिले और टैक्स चोरी का मामला पकड़ा गया।

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फर्जी चालान देकर दे रहे थे क्रेडिट लाभ

उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान फर्जी ई-वे बिल के जरिए बोगस माल आपूर्ति के अलावा सीमेंट, बिटुमिन, कच्चे चमड़े, प्लास्टिक के दाने, बीओपीपी फिल्मों और धातुओं की आपूर्ति के लिए फर्जी बिल जारी करने का मामला उजागर हुआ। दोनों आरोपी व्यापारियों द्वारा फर्जी चालान देकर ग्राहकों को इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का भी लाभ दिलाया जा रहा था।

महानिदेशक ने बताया कि जांच-पड़ताल से पता चला कि दोनों व्यापारियों द्वारा पिछले एक साल में करीब 400 करोड़ रुपये का फर्जी चालान जारी कर 60 करोड़ से अधिक जीएसटी की चोरी की गई है। दोनों व्यापारियों द्वारा भरे गए जीएसटी रिटर्न में आईटीसी के माध्यम से जिस माल की खरीद पर जीएसटी का भुगतान दिखाया था, वह माल उन्होंने कभी खरीदा ही नहीं था।

इसी तरह ट्रांसपोर्टरों से मिलीभगत करके भी फर्जी माल ढुलाई दिखाने का भी मामला सामने आया है। फर्जी तारीख में फर्जी ई-वे बिल पर माल ढुलाई दिखाकर उसका आरटीजीएस से भुगतान करते थे और बाद में कमीशन काट कर शेष धनराशि वापस ले लेते थे।
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