लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में तैनात रेलकर्मी की पत्नी से अभद्रता के मामले में महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने पुलिस आयुक्त को निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़िता ज्योति सिंह ने बताया कि महिला आयोग ने जांच की जिम्मेदारी किसी ऐसे अधिकारी को देने से मना किया है जो संबंधित तहसील या थाने से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो। आयोग ने पुलिस आयुक्त को मामले में कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले पीड़िता को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर देने का निर्देश दिया। दरअसल उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की आलमबाग स्थित सीपीएच कॉलोनी निवासी ज्योति सिंह ने रेलवे, आरपीएफ और स्थानीय प्रशासन के अफसरों पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। ज्योति सिंह ने बताया कि उनके पति रोमेंद्र प्रताप सिंह को सीपीएच रेलवे कॉलोनी में क्वार्टर संख्या II-41-B अलॉट है। आवास को बगैर नोटिस दिए गिराने का प्रयास किया गया। अलॉटमेंट लेटर दिखाने पर उसको अफसरों ने फाड़ दिया और अभद्रता की।